कर्नाटक में सत्ता परिवर्तन की उलटी गिनती शुरू, सिद्धारमैया के इस्तीफे के बाद 72 घंटे में क्या होगा?

Karnataka CM Resignation

राज्यपाल के बाहर होने से बढ़ी सियासी हलचल, डीके शिवकुमार के मुख्यमंत्री बनने की चर्चा तेज

नई दिल्ली/बेंगलुरु: कर्नाटक की राजनीति में बड़ा उलटफेर देखने को मिल रहा है। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने इस्तीफे की घोषणा कर दी है और अब राज्य की सत्ता उनके डिप्टी डीके शिवकुमार को सौंपे जाने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। साल 2013 से 2018 और फिर 2023 से अब तक मुख्यमंत्री रहे सिद्धारमैया के इस्तीफे के बाद अगले 72 घंटे बेहद अहम माने जा रहे हैं। इस बीच सबसे बड़ा सवाल यह खड़ा हो गया है कि जब राज्यपाल थावरचंद गहलोत कर्नाटक से बाहर हैं, तो इस्तीफे की औपचारिक प्रक्रिया कैसे पूरी होगी?

मंत्रियों के साथ बैठक में किया ऐलान
सूत्रों के मुताबिक बुधवार सुबह मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने अपने मंत्रिमंडल सहयोगियों के साथ चाय-नाश्ते पर बैठक बुलाई। बैठक में उन्होंने सभी मंत्रियों को धन्यवाद देते हुए इस्तीफा देने की घोषणा की। कर्नाटक के गृह मंत्री जी. परमेश्वर ने भी पुष्टि की कि मुख्यमंत्री ने बैठक में सत्ता हस्तांतरण का संकेत दिया।

राज्यपाल इंदौर रवाना
इस्तीफे की घोषणा के साथ ही राजभवन से जानकारी आई कि राज्यपाल थावरचंद गहलोत अपने गृह नगर इंदौर रवाना हो चुके हैं। राजभवन के अधिकारियों के मुताबिक, अभी तक मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से राज्यपाल से मिलने का कोई औपचारिक समय नहीं मांगा गया है। यही वजह है कि राजनीतिक गलियारों में अगले 72 घंटों को लेकर चर्चा तेज हो गई है।

Adiwasi Mahotsav

अब क्या होगा?
संवैधानिक प्रक्रिया के तहत मुख्यमंत्री को इस्तीफा राज्यपाल को सौंपना होता है। यदि राज्यपाल राज्य से बाहर हैं, तो उनके लौटने तक प्रक्रिया औपचारिक रूप से लंबित रह सकती है। हालांकि सूत्रों का कहना है कि कांग्रेस नेतृत्व ने सत्ता हस्तांतरण की पूरी रूपरेखा तैयार कर ली है।संभावना जताई जा रही है कि:

  • राज्यपाल के लौटते ही सिद्धारमैया इस्तीफा सौंपेंगे
  • कांग्रेस विधायक दल की बैठक होगी
  • डीके शिवकुमार को विधायक दल का नेता चुना जाएगा
  • इसके बाद उन्हें सरकार बनाने का न्योता मिलेगा
happy Teacher Day

गले मिले, पैर छुए और दिया एकता का संदेश
कर्नाटक कांग्रेस ने दोनों नेताओं की तस्वीरें साझा की हैं, जिनमें सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार गले मिलते और पैर छूते नजर आए। पार्टी ने सोशल मीडिया पर लिखा:

resizone elanza

Telegram channel

“वो दिन, आज का दिन और हमेशा के लिए… एकता ही हमारी शक्ति है, जनसेवा हमारी शाश्वत प्रतिबद्धता है।”

इन तस्वीरों को कांग्रेस ने सत्ता परिवर्तन के दौरान एकजुटता के संदेश के रूप में पेश किया है।

डीके शिवकुमार के हाथों में कमान?
डीके शिवकुमार लंबे समय से कर्नाटक कांग्रेस के संकटमोचक माने जाते रहे हैं। पार्टी संगठन और केंद्रीय नेतृत्व के बीच उनकी मजबूत पकड़ को देखते हुए माना जा रहा है कि अब उन्हें मुख्यमंत्री की जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है। यदि ऐसा होता है तो यह कर्नाटक कांग्रेस में सत्ता संतुलन का बड़ा संकेत होगा।

अगले 72 घंटे पर सबकी नजर
फिलहाल पूरे देश की नजर कर्नाटक की सियासी हलचल पर टिकी है। राज्यपाल की वापसी, कांग्रेस विधायक दल की बैठक और सत्ता हस्तांतरण की संवैधानिक प्रक्रिया अगले तीन दिनों में तस्वीर साफ कर सकती है। कर्नाटक की राजनीति में यह बदलाव दक्षिण भारत की राजनीति पर भी बड़ा असर डाल सकता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *