मोरहाबादी मैदान में गणतंत्र का गौरव, राज्यपाल ने फहराया तिरंगा

Santosh Gangwar

रांची: झारखंड की राजधानी रांची का ऐतिहासिक मोरहाबादी मैदान आज देशभक्ति के रंग में रंगा नजर आया। 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर यहां भव्य और गरिमामय समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया और परेड की सलामी ली। जैसे ही तिरंगा आसमान में लहराया, पूरा मैदान राष्ट्रगान की गूंज और तालियों की गड़गड़ाहट से भर उठा।

समारोह में राज्य सरकार के कई मंत्री, जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में आम नागरिक मौजूद रहे। परेड में झारखंड पुलिस, होमगार्ड, एनसीसी, स्कूली बच्चों की टुकड़ियों के साथ इस बार पश्चिम बंगाल पुलिस की बटालियन ने भी हिस्सा लिया, जिसने समारोह की गरिमा और बढ़ा दी। अनुशासित मार्च और बैंड की देशभक्ति धुनों ने दर्शकों को रोमांचित कर दिया।

गणतंत्र दिवस समारोह का एक प्रमुख आकर्षण विभिन्न विभागों की झांकियां रहीं। इन झांकियों के माध्यम से राज्य की विकास योजनाओं, महिला सशक्तिकरण, कृषि उन्नति, आदिवासी संस्कृति, शिक्षा और डिजिटल पहल को आकर्षक ढंग से प्रस्तुत किया गया। पारंपरिक परिधानों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने झारखंड की विविधता और विरासत को जीवंत कर दिया।

सुरक्षा के दृष्टिकोण से भी प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा। मोरहाबादी मैदान और उसके आसपास के क्षेत्रों को सुरक्षा छावनी में तब्दील कर दिया गया था। बड़ी संख्या में पुलिस बल, दंगा नियंत्रण बल और ट्रैफिक पुलिस की तैनाती की गई थी। समारोह को शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित बनाने के लिए कई जगहों पर बैरिकेडिंग की गई और ड्रोन से भी निगरानी रखी गई।

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ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए शहर में कई रूट डायवर्जन लागू किए गए थे, ताकि समारोह स्थल के आसपास भीड़भाड़ और अव्यवस्था की स्थिति न बने। आम लोगों ने भी प्रशासन के निर्देशों का पालन करते हुए कार्यक्रम में अनुशासन बनाए रखा।

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देशभक्ति गीतों, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और बच्चों के उत्साह ने पूरे माहौल को उत्सव में बदल दिया। कार्यक्रम के अंत में लोगों के चेहरों पर गर्व, सम्मान और देश के प्रति समर्पण की भावना साफ झलक रही थी। रांची का मोरहाबादी मैदान एक बार फिर इस बात का गवाह बना कि गणतंत्र दिवस केवल एक राष्ट्रीय पर्व नहीं, बल्कि देश की एकता, अखंडता और लोकतांत्रिक मूल्यों का उत्सव है।

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