Ranchi News: जेल आईजी सुदर्शन मंडल को हार्ट अटैक, रांची के सैमफोर्ड अस्पताल में भर्ती; ICU में चल रहा इलाज

Sudarshan Mandal

रांची: झारखंड कैडर के 2006 बैच के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी एवं वर्तमान में जेल महानिरीक्षक (आईजी) सुदर्शन मंडल की सोमवार को अचानक तबीयत बिगड़ गई। सीने में तेज दर्द और बेचैनी की शिकायत के बाद उन्हें तत्काल रांची के कोकर स्थित सैमफोर्ड अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों की प्रारंभिक जांच में उन्हें हार्ट अटैक आने की पुष्टि हुई, जिसके बाद उन्हें तुरंत आईसीयू में शिफ्ट कर इलाज शुरू कर दिया गया।

अचानक बिगड़ी तबीयत, अस्पताल में कराया गया भर्ती
मिली जानकारी के अनुसार, सोमवार को सुदर्शन मंडल को अचानक सीने में तेज दर्द और घबराहट महसूस हुई। उनकी स्थिति को देखते हुए परिजनों और सहयोगियों ने बिना देर किए उन्हें रांची के कोकर स्थित सैमफोर्ड अस्पताल पहुंचाया, जहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम ने तत्काल जांच शुरू की। प्रारंभिक मेडिकल जांच में डॉक्टरों ने हार्ट अटैक की पुष्टि की। इसके बाद उन्हें आईसीयू में भर्ती कर कार्डियक विशेषज्ञों की निगरानी में उपचार शुरू किया गया।

आईसीयू में चल रहा इलाज, हालत स्थिर
अस्पताल सूत्रों के मुताबिक, फिलहाल सुदर्शन मंडल की हालत स्थिर बनी हुई है। डॉक्टरों की विशेषज्ञ टीम लगातार उनकी स्वास्थ्य स्थिति की निगरानी कर रही है और आवश्यक कार्डिएक उपचार दिया जा रहा है। अस्पताल प्रशासन की ओर से उनकी स्थिति पर लगातार मेडिकल मॉनिटरिंग की जा रही है।

झारखंड पुलिस महकमे में चिंता
जेल आईजी सुदर्शन मंडल झारखंड के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों में गिने जाते हैं। उनकी तबीयत बिगड़ने की खबर सामने आने के बाद प्रशासनिक और पुलिस महकमे में चिंता का माहौल है। कई वरिष्ठ अधिकारी और प्रशासनिक पदाधिकारी उनके स्वास्थ्य की जानकारी ले रहे हैं।

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2006 बैच के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी हैं सुदर्शन मंडल
सुदर्शन मंडल वर्ष 2006 बैच के भारतीय पुलिस सेवा (IPS) अधिकारी हैं। वर्तमान में वे झारखंड में जेल महानिरीक्षक (आईजी) के पद पर कार्यरत हैं। अपने प्रशासनिक अनुभव और सेवा के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाई हैं।

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डॉक्टरों की टीम रख रही लगातार निगरानी
डॉक्टरों ने बताया कि फिलहाल उनकी स्थिति नियंत्रण में है। एहतियात के तौर पर उन्हें आईसीयू में रखा गया है और विशेषज्ञ चिकित्सकों की निगरानी में इलाज जारी है। उनकी स्वास्थ्य स्थिति के आधार पर आगे की चिकित्सा प्रक्रिया तय की जाएगी।

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