ब्रिटेन का बड़ा फैसला: ईरान की IRGC को आतंकी संगठन घोषित, समर्थन करने वालों को होगी सख्त सजा
लंदन: ब्रिटेन सरकार ने राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर बड़ा कदम उठाते हुए ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) को आतंकी संगठन (Terrorist Organisation) घोषित कर दिया है। इस फैसले के बाद ब्रिटेन में IRGC के समर्थन, प्रचार या उसकी गतिविधियों में किसी भी प्रकार की सहायता करना गंभीर अपराध माना जाएगा।
सरकार ने क्यों लिया यह फैसला?
ब्रिटिश सरकार का कहना है कि हाल के महीनों में देश में यहूदी समुदाय और इजरायल से जुड़े ठिकानों पर हुए कई हमलों तथा राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए बढ़ते खतरे को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। अधिकारियों के अनुसार, इन गतिविधियों के पीछे ईरान समर्थित नेटवर्क और IRGC की भूमिका को लेकर गंभीर चिंताएं सामने आई हैं।
अब क्या होगा?
नए कानून के लागू होने के बाद:
- IRGC का समर्थन या प्रचार करना अपराध होगा।
- संगठन को किसी भी प्रकार की सहायता या वित्तीय सहयोग देना प्रतिबंधित रहेगा।
- IRGC की गतिविधियों से जुड़े लोगों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
- दोषी पाए जाने पर 14 वर्ष तक की जेल और अन्य दंड का प्रावधान किया गया है।
पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों को मिलेंगी अतिरिक्त शक्तियां
ब्रिटेन सरकार के अनुसार, इस फैसले से पुलिस और खुफिया एजेंसियों को जासूसी, विदेशी हस्तक्षेप, तोड़फोड़ और राज्य समर्थित गतिविधियों पर अधिक प्रभावी कार्रवाई करने का अधिकार मिलेगा। सरकार का कहना है कि यह कदम देश की आंतरिक सुरक्षा को मजबूत करने के उद्देश्य से उठाया गया है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ सकता है तनाव
विशेषज्ञों का मानना है कि ब्रिटेन के इस फैसले से पहले से तनावपूर्ण ब्रिटेन-ईरान संबंधों में और तल्खी आ सकती है। यह निर्णय ऐसे समय में आया है जब पश्चिमी देशों और ईरान के बीच सुरक्षा एवं क्षेत्रीय तनाव लगातार बढ़ रहा है।
IRGC क्या है?
इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ईरान की एक शक्तिशाली सैन्य एवं सुरक्षा संस्था है, जिसकी स्थापना 1979 की इस्लामी क्रांति के बाद हुई थी। इसका उद्देश्य ईरान की इस्लामी व्यवस्था की रक्षा करना है। कई पश्चिमी देश लंबे समय से IRGC पर क्षेत्रीय गतिविधियों और विभिन्न सशस्त्र समूहों के समर्थन के आरोप लगाते रहे हैं, जबकि ईरान इन आरोपों को खारिज करता रहा है।





