...

ट्रंप की ईरान को चेतावनी: “अगर मेरी हत्या हुई तो ईरान का नामोनिशान मिटा देंगे”, बोले- फैसला जेडी वेंस करेंगे

Trump Iran News

Munadi Live: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर बेहद सख्त और विवादित बयान दिया है। ट्रंप ने कहा कि यदि उनकी हत्या की जाती है, तो अमेरिका की प्रतिक्रिया इतनी कठोर होगी कि ईरान का “नामोनिशान मिट जाएगा।” उन्होंने यह भी कहा कि ऐसी स्थिति में अंतिम निर्णय उनके उत्तराधिकारी और वर्तमान उपराष्ट्रपति जेडी वेंस लेंगे। ट्रंप का यह बयान ऐसे समय सामने आया है, जब अमेरिका और ईरान के बीच तनाव लगातार बढ़ रहा है। दोनों देशों के बीच हाल के महीनों में सैन्य गतिविधियों, सुरक्षा चिंताओं और कूटनीतिक टकराव को लेकर कई बार तीखी बयानबाजी हो चुकी है।

ट्रंप ने क्या कहा?
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि यदि ईरान उनकी हत्या की कोशिश करता है या ऐसा कोई हमला होता है, तो उन्होंने पहले से ही ऐसे निर्देश तैयार कर रखे हैं जिनके तहत अमेरिका बेहद कड़ी सैन्य कार्रवाई करेगा। उन्होंने दावा किया कि अमेरिकी सेना पूरी तरह तैयार है और जरूरत पड़ने पर निर्णायक जवाब दिया जाएगा। ट्रंप ने कहा कि ऐसी परिस्थिति में उपराष्ट्रपति जेडी वेंस राष्ट्रपति पद संभालने के बाद राष्ट्रीय सुरक्षा और सैन्य कार्रवाई को लेकर अंतिम निर्णय लेंगे।

क्या अमेरिकी कानून इसकी अनुमति देता है?
संवैधानिक विशेषज्ञों का कहना है कि अमेरिका में किसी भी बड़े सैन्य अभियान का अंतिम निर्णय मौजूदा राष्ट्रपति के अधिकार क्षेत्र में आता है। यदि राष्ट्रपति किसी कारण से पद पर नहीं रहते, तो संविधान के अनुसार उपराष्ट्रपति राष्ट्रपति का पद संभालते हैं और वही सैन्य कार्रवाई सहित सभी संवैधानिक अधिकारों का प्रयोग करते हैं। हालांकि, ऐसी कोई स्वचालित सैन्य व्यवस्था (Dead Man Switch) अमेरिकी कानून में मौजूद नहीं है, जिसके तहत किसी राष्ट्रपति की हत्या होते ही हमला अपने-आप शुरू हो जाए। किसी भी कार्रवाई के लिए तत्कालीन राष्ट्रपति का निर्णय आवश्यक होता है।

अमेरिका-ईरान तनाव क्यों बढ़ा?
हाल के वर्षों में अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु कार्यक्रम, पश्चिम एशिया में सैन्य गतिविधियों, प्रतिबंधों और क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर लगातार टकराव बना हुआ है। दोनों देशों के नेताओं की तीखी बयानबाजी ने तनाव को और बढ़ाया है। विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप का यह बयान भी इसी बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव की पृष्ठभूमि में आया है। हालांकि इस बयान के बाद दोनों देशों के संबंधों पर क्या असर पड़ेगा, इस पर दुनिया की नजर बनी हुई है।

munadi live whattsapp banne.jpg

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ सकती है चिंता
ट्रंप के बयान के बाद अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक हलकों में नई चर्चा शुरू हो गई है। सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के बयान पहले से संवेदनशील पश्चिम एशिया क्षेत्र में तनाव बढ़ा सकते हैं। वहीं, वैश्विक बाजार और ऊर्जा आपूर्ति पर भी अमेरिका-ईरान संबंधों का सीधा प्रभाव पड़ सकता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *