झारखंड ट्रेजरी घोटाला: CID ने खूंटी-देवघर के 1.21 करोड़ की अवैध निकासी वाले केस भी संभाले, जांच का दायरा बढ़ा

Jharkhand Treasury Scam

रांची: झारखंड में बहुचर्चित ट्रेजरी घोटाले की जांच लगातार व्यापक होती जा रही है। अपराध अनुसंधान विभाग (CID) ने अब खूंटी और देवघर जिले में हुई करीब 1.21 करोड़ रुपये की कथित अवैध निकासी से जुड़े मामलों को भी अपने हाथ में ले लिया है। दोनों मामलों में 13 जुलाई को रांची स्थित CID थाने में नई प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। इसके साथ ही ट्रेजरी घोटाले से जुड़े मामलों की संख्या बढ़कर सात हो गई है, जिनकी जांच अब CID कर रही है।

खूंटी में 22.69 लाख रुपये की अवैध निकासी की जांच तेज
CID के अनुसार खूंटी जिले के सारिदकेल (तोरपा) स्थित SIRB-02 वाहिनी मुख्यालय की लेखा शाखा से 22.69 लाख रुपये की कथित अवैध निकासी का मामला सामने आया था। इस संबंध में 21 मई को खूंटी थाना में एफआईआर दर्ज की गई थी। मामले में अकाउंटेंट अजीत कुमार सिंह और शुभम सिंह को आरोपी बनाया गया है। जांच में आरोप है कि सरकारी नियमों की अनदेखी करते हुए दोनों के खातों में सरकारी राशि ट्रांसफर की गई। पुलिस ने 19 जून को शुभम सिंह को बिहार के पटना जिले के बिहटा थाना क्षेत्र से गिरफ्तार किया था, जबकि दूसरा आरोपी अजीत कुमार सिंह अभी भी फरार है। अब CID की विशेष जांच टीम (SIT) शुभम सिंह को रिमांड पर लेकर पूछताछ की तैयारी कर रही है ताकि पूरे नेटवर्क और धन के लेन-देन की जानकारी जुटाई जा सके।

देवघर CHC में फर्जी वेतन भुगतान से 99 लाख रुपये निकाले जाने का आरोप
देवघर जिले के सरवां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में वर्ष 2017 से 2019 के बीच लगभग 99.06 लाख रुपये के कथित फर्जी वेतन भुगतान का मामला भी अब CID के पास पहुंच गया है। इस मामले में चिकित्सा प्रभारी की शिकायत पर पूर्व लेखा लिपिक सविता कुमारी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी। आरोप है कि उन्होंने कई कर्मचारियों के नाम पर फर्जी भुगतान दर्शाकर सरकारी राशि अपने तथा अन्य बैंक खातों में ट्रांसफर कर दी। प्रारंभिक जांच में विभिन्न खातों के माध्यम से सरकारी धन के कथित गबन की बात सामने आई है।

हजारीबाग और बोकारो मामलों में चार्जशीट दाखिल
CID इससे पहले हजारीबाग और बोकारो ट्रेजरी घोटाले से जुड़े मामलों में 10 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर चुकी है। वहीं चाईबासा के मामले में भी इस महीने चार आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल करने की तैयारी चल रही है।

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रांची पशुपालन विभाग के मामले की भी जांच तेज
ट्रेजरी घोटाले से जुड़े रांची के पशुपालन विभाग में कथित अवैध निकासी के मामले की जांच भी तेज कर दी गई है। इस प्रकरण में आरोपी मुनींद्र कुमार को रिमांड पर लेकर पूछताछ की तैयारी की जा रही है। उसके खिलाफ रांची के कोतवाली और खेलगांव थानों में पहले से दो एफआईआर दर्ज हैं।

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स्थानीय पुलिस से CID को सौंपी गई जांच
खूंटी और देवघर के दोनों मामलों की जांच पहले संबंधित जिला पुलिस कर रही थी। अब राज्य सरकार के निर्देश के बाद इन मामलों को CID ने टेकओवर कर लिया है। जांच एजेंसी का उद्देश्य सभी मामलों के बीच संभावित कड़ियों की पड़ताल करना और यदि कोई संगठित वित्तीय नेटवर्क सामने आता है, तो उसकी भी जांच करना है। फिलहाल CID दस्तावेजों, बैंक लेन-देन, सरकारी रिकॉर्ड और आरोपियों की भूमिका की विस्तृत जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद ही पूरे ट्रेजरी घोटाले की वास्तविक तस्वीर और इसमें शामिल लोगों की भूमिका स्पष्ट हो सकेगी।

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