महादेवी बिड़ला इंस्टीट्यूट के 28 नर्सिंग विद्यार्थी छह माह की क्लीनिकल इंटर्नशिप के लिए पुणे रवाना
रांची: स्वास्थ्य शिक्षा के क्षेत्र में विद्यार्थियों को व्यावहारिक अनुभव उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत महादेवी बिड़ला इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग एंड क्लीनिकल टेक्नोलॉजी (एमबीआईएनसीटी) के 28 विद्यार्थियों को छह माह की क्लीनिकल इंटर्नशिप के लिए पुणे स्थित आदित्य बिड़ला मेमोरियल हॉस्पिटल भेजा गया। यह इंटर्नशिप विद्यार्थियों के पेशेवर कौशल को निखारने और उन्हें आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं का व्यावहारिक अनुभव देने की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है।
आधुनिक चिकित्सा प्रणाली का मिलेगा व्यावहारिक अनुभव
संस्थान की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, छह माह की क्लीनिकल इंटर्नशिप के दौरान विद्यार्थियों को आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं, उन्नत चिकित्सकीय प्रक्रियाओं तथा रोगी-केंद्रित देखभाल (Patient-Centric Care) का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके अलावा वे अनुभवी चिकित्सकों, नर्सिंग विशेषज्ञों और स्वास्थ्य पेशेवरों के मार्गदर्शन में कार्य करते हुए अपने तकनीकी ज्ञान और व्यावसायिक दक्षता को और मजबूत करेंगे।
संस्थान के अधिकारियों ने विद्यार्थियों को दी शुभकामनाएं
विद्यार्थियों को रवाना करने के अवसर पर संस्थान की प्राचार्या डॉ. सुबानी बाड़ा, नर्सिंग एडमिनिस्ट्रेटर आशुतोष द्विवेदी, उप-प्राचार्या डॉ. मीनल श्वेता, श्रीमती निरोलिन कुल्लू एवं सुश्री अंजना मसीह उपस्थित रहीं। सभी ने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए उन्हें अनुशासन, समर्पण और उत्कृष्ट प्रदर्शन के साथ प्रशिक्षण पूरा करने की शुभकामनाएं दीं।
सरला बिड़ला विश्वविद्यालय प्रबंधन ने भेजा शुभकामना संदेश
सरला बिड़ला विश्वविद्यालय के माननीय प्रतिकुलाधिपति बिजय कुमार दलान, महानिदेशक प्रो. गोपाल पाठक, कुलपति प्रो. सी. जगनाथन तथा राज्यसभा सांसद एवं निदेशक (प्लानिंग एंड डेवलपमेंट) डॉ. प्रदीप कुमार वर्मा ने विद्यार्थियों को शुभकामना संदेश भेजा। उन्होंने विश्वास जताया कि इंटर्नशिप के दौरान प्राप्त अनुभव विद्यार्थियों के करियर को नई दिशा देंगे और भविष्य में वे समाज को गुणवत्तापूर्ण एवं मानवीय स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
नर्सिंग शिक्षा में व्यावहारिक प्रशिक्षण का बढ़ता महत्व
विशेषज्ञों का मानना है कि आज के समय में नर्सिंग शिक्षा केवल कक्षा तक सीमित नहीं रह गई है। अस्पतालों में क्लीनिकल इंटर्नशिप विद्यार्थियों को वास्तविक परिस्थितियों में काम करने का अनुभव देती है, जिससे उनका आत्मविश्वास, निर्णय क्षमता और रोगी देखभाल की दक्षता विकसित होती है। प्रतिष्ठित अस्पतालों में प्रशिक्षण से विद्यार्थियों को भविष्य में बेहतर रोजगार के अवसर भी प्राप्त होते हैं।




