पटरी पर लोहे का टुकड़ा रखकर ट्रेन पलटने की कोशिश, 3 आरोपी गिरफ्तार
रेल हादसे की बड़ी साजिश नाकाम
Pakur : झारखंड के पाकुड़ जिले में रेलवे सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती देने वाली एक बेहद गंभीर और खतरनाक साजिश का पर्दाफाश हुआ है। रेल पटरी पर जानबूझकर भारी लोहे का टुकड़ा रखकर ट्रेन हादसा कराने की कोशिश करने वाले तीन आरोपियों को रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और राजकीय रेल पुलिस (GRP) की संयुक्त कार्रवाई में गिरफ्तार किया गया है। समय रहते साजिश का खुलासा नहीं होता, तो यह एक बड़े रेल हादसे का कारण बन सकता था, जिसमें सैकड़ों यात्रियों की जान खतरे में पड़ सकती थी।
तिलभीटा–कोटालपोखर रेलखंड पर रची गई साजिश
जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने तिलभीटा और कोटालपोखर रेलवे स्टेशन के बीच किलोमीटर संख्या 156/04 पर 1.57 मीटर लंबा कटा हुआ रेल का टुकड़ा पटरी पर रखा था। यह घटना 10 जनवरी की रात की है, जब कुमारपुर क्षेत्र में लेवल क्रॉसिंग गेट संख्या 41/सी के पास रेल परिचालन को बाधित करने की साजिश रची गई थी।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, अगर ट्रेन इस लोहे के टुकड़े से टकरा जाती, तो गंभीर दुर्घटना से इनकार नहीं किया जा सकता था।

आरपीएफ और जीआरपी की संयुक्त कार्रवाई
मामले में पाकुड़ आरपीएफ पोस्ट में कांड संख्या 18/2026 के तहत रेलवे अधिनियम की धारा 153, 174(सी) और 147 में केस दर्ज किया गया है। वहीं, जीआरपी बरहरवा थाना में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की गंभीर धाराओं और सार्वजनिक संपत्ति क्षति निवारण अधिनियम के तहत अलग प्राथमिकी दर्ज की गई है।
गुप्त सूचना से खुला राज, तीनों आरोपी दबोचे गए
गुप्त सूचना के आधार पर 14 जनवरी 2026 को आरपीएफ, जीआरपी पाकुड़ और आरपीएफ की सीआईबी (बर्धमान) टीम ने संयुक्त छापेमारी कर यार मोहम्मद शेख उर्फ जोकर (29 वर्ष) राहुल शेख (27 वर्ष) को गिरफ्तार किया। पूछताछ में दोनों ने न केवल इस साजिश में अपनी भूमिका स्वीकार की, बल्कि इससे पहले तिलभीटा स्टेशन क्षेत्र में मालगाड़ी से कोयला चोरी की घटनाओं में शामिल होने की बात भी कबूल की।
आरपीएफ से बदला लेने की साजिश
मुख्य आरोपी यार मोहम्मद उर्फ जोकर ने पूछताछ में खुलासा किया कि उसके कुछ साथियों की गिरफ्तारी से नाराज होकर उसने रेलवे प्रशासन और आरपीएफ को परेशान करने के उद्देश्य से यह खतरनाक साजिश रची थी। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने कुमारपुर गांव से तीसरे आरोपी नजमी शेख (33 वर्ष) को भी गिरफ्तार किया।
शुरुआत में नजमी शेख ने जांच एजेंसियों को गुमराह करने की कोशिश की, लेकिन कड़ी पूछताछ के बाद उसने भी अपराध में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली।
न्यायालय में पेश, जांच जारी
तीनों आरोपियों को 14 जनवरी 2026 को आवश्यक कागजातों के साथ न्यायालय में प्रस्तुत किया गया है। रेलवे और पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यह मामला सिर्फ स्थानीय अपराध नहीं, बल्कि राष्ट्रीय रेलवे नेटवर्क की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर विषय है। जांच एजेंसियां अब अन्य संभावित आरोपियों और नेटवर्क की भी गहन जांच कर रही हैं।






