चीन को झटका? क्रिटिकल मिनरल्स पर भारत-ब्राजील की बड़ी साझेदारी, सप्लाई चेन होगी मजबूत
नई दिल्ली: भारत और ब्राजील के बीच इकोनॉमिक और स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप को नई मजबूती मिली है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला डा सिल्वा ने हैदराबाद हाउस में द्विपक्षीय वार्ता के बाद कई अहम समझौतों पर हस्ताक्षर किए। दोनों देशों ने क्रिटिकल मिनरल्स, खनन, डिजिटल पार्टनरशिप और कोस्टल सेक्टर में सहयोग बढ़ाने का फैसला लिया, जिसे वैश्विक सप्लाई चेन के लिहाज से बड़ा कदम माना जा रहा है।
क्रिटिकल मिनरल्स पर खास फोकस
प्रधानमंत्री मोदी ने संयुक्त बयान में कहा कि क्रिटिकल मिनरल्स और रेयर अर्थ एलिमेंट्स से जुड़े समझौते दोनों देशों के लिए “विन-विन” साबित होंगे। उन्होंने बताया कि इन समझौतों से सप्लाई चेन की सुरक्षा मजबूत होगी और भविष्य की टेक्नोलॉजी व इंडस्ट्री को नई दिशा मिलेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम वैश्विक खनिज बाजार में चीन की पकड़ को चुनौती देने वाला साबित हो सकता है।
डिजिटल और कोस्टल सेक्टर में भी साझेदारी
दोनों देशों ने डिजिटल इकोनॉमी, समुद्री सहयोग और खनन सेक्टर में नई परियोजनाओं पर सहमति जताई है। इससे निवेश और व्यापार के नए अवसर खुलने की उम्मीद है। भारत और ब्राजील लंबे समय से वैश्विक मंचों पर एक-दूसरे के सहयोगी रहे हैं और अब यह साझेदारी आर्थिक संबंधों को नई ऊंचाई दे सकती है।
आतंकवाद और वैश्विक सुधार पर साझा रुख
प्रधानमंत्री मोदी ने आतंकवाद को पूरी मानवता का दुश्मन बताते हुए कहा कि भारत और ब्राजील इसके खिलाफ एकजुट हैं। दोनों देशों ने अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं में सुधार की जरूरत पर भी जोर दिया और कहा कि वैश्विक चुनौतियों का समाधान संवाद और कूटनीति से ही संभव है।
वैश्विक राजनीति में बढ़ती भारत-ब्राजील की भूमिका
विश्लेषकों का मानना है कि भारत और ब्राजील की यह रणनीतिक साझेदारी ग्लोबल साउथ की आवाज को मजबूत करेगी। क्रिटिकल मिनरल्स पर सहयोग से इलेक्ट्रिक व्हीकल, सेमीकंडक्टर और क्लीन एनर्जी जैसे क्षेत्रों में भारत की स्थिति मजबूत हो सकती है।
इस समझौते को भारत की विदेश नीति और आर्थिक सुरक्षा के लिहाज से बड़ा कदम माना जा रहा है, जो आने वाले समय में वैश्विक सप्लाई चेन के समीकरण बदल सकता है।





