दीपिका पांडे सिंह की सशक्त पैरवी से झारखंड पंचायतों को 15वें वित्त आयोग की बड़ी मदद
रांची : झारखंड की पंचायतों को 15वें वित्त आयोग की अनुशंसा पर बड़ी वित्तीय सहायता प्राप्त हुई है। ग्रामीण स्थानीय निकायों के लिए बेसिक ग्रांट की दो महत्वपूर्ण किस्तें राज्य को जारी की गई हैं। इससे ग्राम पंचायतों, प्रखंड पंचायतों और जिला परिषदों को विकास योजनाओं में नई गति मिलने की उम्मीद है।
ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री दीपिका पांडे सिंह की लगातार पहल, समन्वय और प्रयासों के बाद यह राशि राज्य को मिल पाई है। बताया गया है कि मंत्री ने केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित सभी मानकों और शर्तों को समय पर पूरा कराया, जिसके बाद यह फंड निर्गत हुआ।
दिल्ली में लगातार पैरवी का मिला परिणाम
सूत्रों के अनुसार, केंद्र से राशि जारी कराने के लिए मंत्री दीपिका पांडे सिंह स्वयं चार से पांच बार दिल्ली गईं। विभाग की ओर से भी केंद्र सरकार के साथ लगातार पत्राचार किया गया। इन प्रयासों का ही परिणाम है कि राज्य को 275.12 करोड़ रुपये अनटाइड फंड और लगभग 412.68 करोड़ रुपये टाइड फंड के रूप में प्राप्त हुए।
इस प्रकार कुल 687.8 करोड़ रुपये की सहायता राशि झारखंड को मिली है।
पंचायतों को मिलेगा सीधा लाभ
इस राशि से राज्य की ग्राम पंचायतों, प्रखंड पंचायतों और जिला परिषदों को ग्रामीण आधारभूत संरचना मजबूत करने, पेयजल, स्वच्छता, सड़क और अन्य स्थानीय विकास योजनाओं को गति देने में मदद मिलेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि समय पर फंड मिलने से पंचायत स्तर पर लंबित परियोजनाओं को भी तेजी से पूरा किया जा सकेगा। ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार से विकास प्रक्रिया को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
राज्य सरकार ने इसे पंचायत सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम बताया है। अब पंचायत प्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों पर यह जिम्मेदारी होगी कि इस राशि का पारदर्शी और प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए।





