राज्यसभा चुनाव को लेकर झामुमो-कांग्रेस की अहम बैठक, बीजेपी को हराने की रणनीति पर बनी सहमति
सीएम हेमंत सोरेन से कांग्रेस नेताओं की दो घंटे बैठक, एक-दो दिन में होगा बड़ा फैसला
रांची:झारखंड की दो राज्यसभा सीटों पर होने वाले चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मी तेज हो गई है। इसी कड़ी में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मुलाकात कर चुनावी रणनीति पर विस्तार से चर्चा की। करीब दो घंटे तक चली इस अहम बैठक के बाद कांग्रेस नेताओं ने संकेत दिए कि झामुमो और कांग्रेस एक मुद्दे पर पूरी तरह सहमत हैं—राज्यसभा चुनाव में बीजेपी उम्मीदवार की हार सुनिश्चित करनी है। बताया जा रहा है कि इस मुद्दे पर अंतिम फैसला मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन अगले एक-दो दिनों में ले सकते हैं।
सीएम आवास पर हुई हाईलेवल बैठक
कांके रोड स्थित मुख्यमंत्री आवास में हुई इस बैठक में तेलंगाना के डिप्टी सीएम मल्लू भट्टी विक्रमार्का, झारखंड कांग्रेस प्रभारी के. राजू, प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश, विधायक दल के नेता प्रदीप यादव और उपनेता राजेश कच्छप शामिल हुए। बैठक के बाद बाहर निकले नेताओं ने मीडिया से कहा कि बातचीत बेहद सकारात्मक रही और गठबंधन पूरी मजबूती के साथ चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहा है।
कांग्रेस ने एक सीट पर ठोकी दावेदारी
बैठक के दौरान कांग्रेस ने राज्यसभा की एक सीट पर अपनी दावेदारी पेश की। झारखंड कांग्रेस प्रभारी के. राजू ने बताया कि इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री और गठबंधन के अन्य नेताओं के साथ सकारात्मक बातचीत हुई है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस आलाकमान ने तेलंगाना के डिप्टी सीएम मल्लू भट्टी विक्रमार्का को विशेष तौर पर रांची भेजा है ताकि झामुमो के साथ सहमति बन सके। उन्होंने कहा कि बैठक की पूरी रिपोर्ट कांग्रेस हाईकमान को सौंपी जाएगी।
प्रदीप यादव बोले- मुख्यमंत्री की सोच कांग्रेस जैसी
कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रदीप यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की सोच और कांग्रेस का रुख एक जैसा है। उन्होंने कहा कि पहली सीट जीतने में कोई परेशानी नहीं है, लेकिन दूसरी सीट पर भी गठबंधन की जीत सुनिश्चित करने के लिए रणनीति तैयार की जा रही है। प्रदीप यादव ने कहा कि सभी 28 विधायकों को एकजुट रखने की जिम्मेदारी मुख्यमंत्री को दी गई है।
लोकल प्रत्याशी पर कांग्रेस का जोर
के. राजू ने साफ कहा कि कांग्रेस झारखंड से स्थानीय उम्मीदवार को ही राज्यसभा भेजना चाहती है। उन्होंने कहा कि यह बात पार्टी आलाकमान तक पहुंचा दी गई है और जल्द इस पर अंतिम फैसला लिया जाएगा।
क्या कांग्रेस के लिए सीट छोड़ेंगे हेमंत सोरेन?
राजनीतिक गलियारों में सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या झामुमो अपने सहयोगी दल कांग्रेस के लिए एक सीट छोड़ेगा? अब तक मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इस पर अपने पत्ते नहीं खोले हैं। हालांकि कांग्रेस नेताओं के बयानों से साफ संकेत मिल रहे हैं कि गठबंधन के भीतर इस मुद्दे पर गंभीर मंथन चल रहा है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि अगर झामुमो कांग्रेस को एक सीट देने पर सहमत होती है तो यह गठबंधन की मजबूती का बड़ा संदेश होगा। वहीं अगर फैसला अलग होता है तो सियासी समीकरण बदल सकते हैं।
विधानसभा गणित क्या कहता है?
81 सदस्यीय झारखंड विधानसभा में सत्तारूढ़ गठबंधन के पास कुल 56 विधायक हैं। इनमें—
- झामुमो – 34
- कांग्रेस – 16
- राजद – 4
- माले – 2
राज्यसभा की एक सीट जीतने के लिए 28 प्रथम वरीयता वोट की जरूरत होती है। ऐसे में गठबंधन के पास दोनों सीटों पर जीत दर्ज करने की क्षमता है, बशर्ते सभी विधायक एकजुट रहें।
बीजेपी ने भी खेला बड़ा दांव
संख्याबल कम होने के बावजूद बीजेपी ने राज्यसभा चुनाव में उम्मीदवार उतारने का फैसला किया है। बीजेपी और उसके सहयोगी दलों के पास कुल 24 विधायक हैं। पार्टी को उम्मीद है कि क्रॉस वोटिंग या राजनीतिक समीकरणों के जरिए वह जरूरी आंकड़ा जुटा सकती है। यही वजह है कि झामुमो-कांग्रेस गठबंधन अब कोई जोखिम नहीं लेना चाहता और बीजेपी प्रत्याशी की हार सुनिश्चित करने के लिए हर रणनीतिक पहलू पर चर्चा कर रहा है।
एक-दो दिन में साफ होगी तस्वीर
राज्यसभा चुनाव को लेकर अगले एक-दो दिनों में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की ओर से बड़ा फैसला सामने आ सकता है। फिलहाल इतना साफ है कि झारखंड की राजनीति में राज्यसभा चुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज हो चुकी है और आने वाले दिन गठबंधन की रणनीति तथा उम्मीदवारों के चयन के लिहाज से बेहद अहम साबित होंगे।






