सीएम हेमंत सोरेन ने कल्याण विभाग की समीक्षा बैठक की, योजनाओं में तेजी लाने के निर्देश
झारखंड मंत्रालय में अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, अल्पसंख्यक एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग की हुई विस्तृत समीक्षा
रांची: झारखंड मंत्रालय में सोमवार को मुख्यमंत्री Hemant Soren की अध्यक्षता में अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, अल्पसंख्यक एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग की समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभाग द्वारा संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की प्रगति, लाभुकों तक योजनाओं की पहुंच और भविष्य की कार्ययोजना पर विस्तृत चर्चा की गई। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सरकार की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक समयबद्ध तरीके से पहुंचे और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
योजनाओं के क्रियान्वयन की हुई समीक्षा
बैठक के दौरान विभागीय अधिकारियों ने मुख्यमंत्री के समक्ष विभिन्न योजनाओं की अद्यतन स्थिति प्रस्तुत की। इस दौरान छात्रवृत्ति योजनाओं, आवासीय विद्यालयों, छात्रावासों, अल्पसंख्यक कल्याण कार्यक्रमों और पिछड़ा वर्ग के लिए संचालित विकास योजनाओं की प्रगति पर विस्तार से चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाने पर जोर दिया।
लाभुकों तक पहुंचे योजनाओं का लाभ
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि समाज के कमजोर और वंचित वर्गों तक सरकारी योजनाओं का पूरा लाभ पहुंचे। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि योजनाओं के कार्यान्वयन में पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए और लाभुकों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
शिक्षा और सामाजिक सशक्तिकरण पर जोर
बैठक में अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, अल्पसंख्यक और पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों के लिए चल रही शैक्षणिक योजनाओं की समीक्षा भी की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा सामाजिक सशक्तिकरण का सबसे बड़ा माध्यम है, इसलिए छात्रवृत्ति और शैक्षणिक सहायता योजनाओं को प्रभावी तरीके से लागू किया जाए।
अधिकारियों को दिए स्पष्ट निर्देश
सीएम हेमंत सोरेन ने विभागीय अधिकारियों से कहा कि योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग की जाए और जमीनी स्तर पर आ रही समस्याओं का त्वरित समाधान किया जाए। उन्होंने कहा कि सरकार सामाजिक न्याय और समावेशी विकास के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
कल्याणकारी योजनाओं को मिलेगी नई गति
इस समीक्षा बैठक को राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाओं को और प्रभावी बनाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। बैठक के बाद माना जा रहा है कि विभागीय योजनाओं के क्रियान्वयन में और तेजी आएगी तथा लाभुकों को इसका सीधा फायदा मिलेगा।





