Ranchi News: 335 साल पुरानी आस्था का महासागर: रांची की ऐतिहासिक जगन्नाथ रथ यात्रा में उमड़ा जनसैलाब
सीएम हेमंत सोरेन ने खींची रथ की डोर
रांची: राजधानी रांची के ऐतिहासिक जगन्नाथपुर मंदिर में गुरुवार को 335 वर्षों से चली आ रही विश्वप्रसिद्ध रथ यात्रा पूरे धार्मिक उल्लास, भक्ति और परंपरा के साथ संपन्न हुई। भगवान जगन्नाथ, भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा की भव्य रथ यात्रा में लाखों श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। पूरा मंदिर परिसर और आसपास का क्षेत्र “जय जगन्नाथ” के जयघोष से गूंज उठा। इस पावन अवसर पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने विधि-विधान के साथ भगवान जगन्नाथ की पूजा-अर्चना की तथा राज्य की सुख, शांति और समृद्धि की कामना की। पूजा के बाद मुख्यमंत्री ने श्रद्धालुओं के साथ भगवान के जयकारे लगाए और रथ की डोर खींचकर यात्रा की शुरुआत कराई। उनके साथ राज्यपाल ने भी रथ खींचकर इस ऐतिहासिक परंपरा का निर्वहन किया।
335 वर्षों से निभाई जा रही है परंपरा
जैसे ही भगवान जगन्नाथ, बहन सुभद्रा और बड़े भाई बलभद्र अपने सजे-धजे रथ पर विराजमान होकर मौसीबाड़ी के लिए रवाना हुए, श्रद्धालुओं की भारी भीड़ भाव-विभोर हो उठी। रथ के आगे बढ़ते ही भक्तों ने पूरे उत्साह के साथ रस्सियां थाम लीं और प्रभु के दर्शन के लिए उमड़ी भीड़ ने पूरे क्षेत्र को भक्तिमय बना दिया। रांची की यह ऐतिहासिक रथ यात्रा पिछले 335 वर्षों से लगातार आयोजित की जा रही है और झारखंड की सबसे प्रमुख धार्मिक परंपराओं में गिनी जाती है।
सालभर रहता है रथ यात्रा का इंतजार
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि रथ यात्रा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि झारखंड की सांस्कृतिक विरासत और लोगों की गहरी आस्था का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि इस आयोजन का श्रद्धालु पूरे वर्ष इंतजार करते हैं और हर साल लाखों लोगों की उपस्थिति इस मंदिर की दिव्यता और ऐतिहासिक महत्व को दर्शाती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान जगन्नाथ सभी पर अपनी कृपा बनाए रखें और राज्य में सुख-शांति तथा समृद्धि बनी रहे।
पर्यटन के रूप में विकसित होगा जगन्नाथपुर मंदिर
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर घोषणा की कि राज्य सरकार ऐतिहासिक जगन्नाथपुर मंदिर को पर्यटन के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करेगी। मंदिर परिसर का व्यापक विकास कराया जाएगा और यहां एक भव्य प्रवेश तोरणद्वार का भी निर्माण किया जाएगा, जिससे श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हो सकें। उन्होंने कहा कि सरकार धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए लगातार काम कर रही है और जगन्नाथपुर मंदिर को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने की दिशा में भी प्रयास किए जाएंगे।
लाखों श्रद्धालुओं ने लिया रथ यात्रा का पुण्य लाभ
रथ यात्रा के दौरान मंदिर परिसर श्रद्धालुओं से पूरी तरह भरा रहा। हर कोई भगवान जगन्नाथ की एक झलक पाने और रथ खींचने के लिए उत्साहित नजर आया। श्रद्धालुओं ने भक्ति गीत, जयकारों और पारंपरिक उत्सव के बीच प्रभु का आशीर्वाद प्राप्त किया। पूरे आयोजन के दौरान प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए थे। मंदिर परिसर और यात्रा मार्ग पर बड़ी संख्या में पुलिस बल तथा प्रशासनिक अधिकारियों की तैनाती की गई थी, जिससे श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
कई गणमान्य लोग रहे मौजूद
इस ऐतिहासिक रथ यात्रा में केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ, विधायक नवीन जायसवाल, पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोध कांत सहाय, राज्य सरकार की मंत्री दीपिका पांडेय सिंह सहित कई जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। सभी ने भगवान जगन्नाथ की पूजा-अर्चना कर राज्य और देश की खुशहाली की कामना की। रांची की ऐतिहासिक जगन्नाथ रथ यात्रा एक बार फिर आस्था, परंपरा और सांस्कृतिक विरासत का भव्य संगम बनकर सामने आई, जहां लाखों श्रद्धालुओं ने भगवान जगन्नाथ के दर्शन कर स्वयं को धन्य महसूस किया।





