BFCL ने पेश की ‘हरित भविष्य’ का रोडमैप, पर्यावरणीय सततता के प्रति प्रतिबद्धता और मजबूत
रामगढ़: औद्योगिक विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन को मजबूत करते हुए बिहार फाउंड्री एंड कास्टिंग्स लिमिटेड (BFCL) ने अपने बहुप्रतीक्षित ‘हरित भविष्य’ रोडमैप की घोषणा की है। कंपनी ने वर्ष 2025 में पर्यावरण संरक्षण की दिशा में किए गए महत्वपूर्ण कार्यों को आधार बनाकर 2026 के लिए नई और विस्तारित कार्ययोजना तैयार की है, जिसका उद्देश्य प्रदूषण नियंत्रण, संसाधन संरक्षण और पारिस्थितिक पुनर्जीवन को और अधिक प्रभावी बनाना है।
BFCL की यह पहल ऐसे समय में सामने आई है जब पर्यावरणीय चुनौतियां तेजी से बढ़ रही हैं और उद्योगों की भूमिका केवल उत्पादन तक सीमित नहीं रह गई है। कंपनी का कहना है कि वह विकास को प्रकृति के साथ जोड़कर ही आगे बढ़ने में विश्वास रखती है।

वर्ष 2025 में BFCL ने हरित क्षेत्र विस्तार को प्राथमिकता देते हुए 3.50 हेक्टेयर क्षेत्र में हरित पट्टी विकसित की और 839 देशी एवं तेजी से बढ़ने वाले पौधों का रोपण किया। कंपनी का मानना है कि इससे स्थानीय जैव विविधता को मजबूती मिली है और क्षेत्र के पर्यावरणीय संतुलन को बेहतर आधार प्राप्त हुआ है।
पर्यावरणीय संरक्षण के तहत वायु प्रदूषण पर नियंत्रण को लेकर भी BFCL ने बड़े स्तर पर तकनीकी सुधार किए। धूल एवं उत्सर्जन को नियंत्रित करने के लिए कंपनी ने संयंत्र में डस्ट कैचर, एंटी-स्मॉग गन और वॉटर स्प्रिंकलर जैसी आधुनिक व्यवस्था स्थापित की। साथ ही भट्टियों को इलेक्ट्रोस्टैटिक प्रेसिपिटेटर (ESP) और बैग फिल्टर से सुसज्जित किया गया, ताकि उत्सर्जन निर्धारित मानकों के भीतर बनाए रखा जा सके।
कंपनी ने पारदर्शिता और सार्वजनिक जवाबदेही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से शहर के चार प्रमुख स्थानों पर रीयल-टाइम एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग सिस्टम (CAAQMS) भी लगाया है। इन मॉनिटरिंग सिस्टम से मिलने वाले आंकड़े आम नागरिकों के लिए ऑनलाइन उपलब्ध कराए गए हैं, ताकि पर्यावरणीय स्थिति की निगरानी खुले तौर पर हो सके।

संसाधन संरक्षण की दिशा में भी कंपनी ने ठोस कदम उठाए। रसोई कचरे के वैज्ञानिक निपटान के लिए आधुनिक कंपोस्टिंग मशीन लगाई गई, वहीं 54,600 क्यूबिक मीटर क्षमता वाले विशाल वर्षा जल संचयन तालाब का निर्माण कर जल संरक्षण की दिशा में मजबूत आधार तैयार किया गया।
BFCL ने 2026 के लिए हरित अभियान को और विस्तारित करते हुए 1,200 पौधे लगाने का लक्ष्य तय किया है। इसके लिए प्रति माह 100 पौधे लगाने की सुनियोजित योजना बनाई गई है, जिससे क्षेत्र के माइक्रो-क्लाइमेट, वायु गुणवत्ता और दीर्घकालिक पर्यावरणीय संतुलन को बेहतर बनाया जा सकेगा। इसी क्रम में 10 जनवरी 2026 को प्लांट परिसर में पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित कर 100 से अधिक पौधे लगाए गए।
BFCL के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि औद्योगिक प्रगति और पर्यावरण संरक्षण को कंपनी विरोधी नहीं बल्कि पूरक मानती है। ‘हरित भविष्य’ रोडमैप के माध्यम से BFCL आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ, सुरक्षित और टिकाऊ पर्यावरण सुनिश्चित करने की दिशा में प्रतिबद्ध है।

गौरतलब है कि बिहार फाउंड्री एंड कास्टिंग्स लिमिटेड एक अग्रणी औद्योगिक इकाई के रूप में सतत विकास के सिद्धांतों पर कार्य करती है। कंपनी तकनीकी नवाचार, सामाजिक उत्तरदायित्व और पर्यावरणीय संरक्षण के समन्वय के साथ दीर्घकालिक एवं जिम्मेदार विकास की दिशा में आगे बढ़ रही है।








