नियमों का पालन नहीं करने वाले नर्सिंग कॉलेजों पर लगेगा अधिकतम जुर्माना: अजय कुमार सिंह
मुनादी लाइव : झारखंड में नर्सिंग संस्थानों की मान्यता प्रक्रिया को लेकर सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। सोमवार को स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग में नर्सिंग संस्थानों को मान्यता देने के मुद्दे पर निष्पादन समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने की।
बैठक में डीआईसी डॉ. सिद्धार्थ सान्याल, संयुक्त सचिव सीमा कुमारी उदयपुरी, उपसचिव ध्रुव प्रसाद सहित विभाग के कई अधिकारी उपस्थित रहे।
61 नर्सिंग कॉलेजों के आवेदनों पर हुई चर्चा
बैठक के दौरान राज्य के 61 नर्सिंग कॉलेजों द्वारा एनओसी के लिए दिए गए आवेदनों की विस्तार से समीक्षा की गई अधिकारियों ने बताया कि सरकार के निर्णय के अनुमोदन के बाद ही योग्य पाए जाने वाले संस्थानों को एनओसी जारी किया जाएगा। अपर मुख्य सचिव ने काउंसिल की बैठक 15 दिनों के भीतर आयोजित करने का निर्देश भी दिया
जमीन, भवन और आधारभूत सुविधाओं की समीक्षा
बैठक में नर्सिंग कॉलेजों की आधारभूत सुविधाओं का भी गहन मूल्यांकन किया गया। अजय कुमार सिंह ने अधिकारियों से पूछा कि संबंधित संस्थान अपनी जमीन पर संचालित हैं या लीज पर, कितनी जमीन उपलब्ध है, कितने कमरे हैं और कॉलेज नया है या पहले से संचालित।
उन्होंने निर्देश दिया कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित कॉलेजों के लिए जमीन की रसीद तथा शहरी क्षेत्रों में होल्डिंग टैक्स की स्थिति की भी जांच की जाए।
लीज और किराये पर चल रहे कॉलेजों पर सख्ती
बैठक में उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि किसी कॉलेज को पहले से मौका दिया गया था तो उसे अब तक अपना स्थायी भवन बना लेना चाहिए था। ऐसे मामलों में लीज या किराये की व्यवस्था के नवीनीकरण की स्थिति की भी समीक्षा करने के निर्देश दिए गए।
नियमों का उल्लंघन करने पर होगी कार्रवाई
अपर मुख्य सचिव ने स्पष्ट चेतावनी दी कि नियमों का पालन नहीं करने वाले कॉलेजों पर अधिकतम जुर्माना लगाया जाएगा।विभाग द्वारा तैयार किए गए चार्ट में विभिन्न कमियों के आधार पर जुर्माने की राशि तय की गई है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि कोई कॉलेज लगातार तीन वर्षों से एडमिशन ले रहा है लेकिन नॉर्म्स का पालन नहीं कर रहा, तो ऐसे संस्थानों के निलंबन पर भी विचार किया जाएगा।
ऐसे कॉलेजों को शो-कॉज नोटिस जारी करने और फिलहाल एडमिशन रोकने का निर्देश दिया गया है।
निरीक्षण प्रक्रिया होगी और सख्त
सरकार ने निरीक्षण प्रक्रिया को भी अधिक सख्त बनाने का निर्णय लिया है। निर्देश दिया गया है कि किसी भी कॉलेज को एनओसी देने से पहले अनिवार्य रूप से निरीक्षण किया जाए। निरीक्षण टीम में चार अधिकारियों संबंधित जिले के सिविल सर्जन, रजिस्ट्रार, एग्जीक्यूटिव इंजीनियर, एडिशनल कलेक्टर की उपस्थिति अनिवार्य होगी साथ ही निरीक्षण की तस्वीरें ऑनलाइन अपलोड करना भी अनिवार्य होगा।
अस्पतालों से जोड़ा जाएगा प्रशिक्षण
नर्सिंग छात्रों को बेहतर प्रशिक्षण देने के लिए कॉलेजों को सरकारी और निजी अस्पतालों तथा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (CHC) से जोड़ने का निर्देश दिया गया है। इसके अलावा मॉडल के तौर पर कम से कम पांच सीएचसी में तत्काल नर्सिंग की कक्षाएं शुरू करने का भी निर्देश दिया गया है, ताकि भविष्य में इस व्यवस्था को और विस्तारित किया जा सके।
पूरी प्रक्रिया होगी ऑनलाइन
अपर मुख्य सचिव ने कहा कि अब ऑफलाइन आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे और पूरी प्रक्रिया को ऑनलाइन किया जाएगा। उन्होंने सभी कॉलेजों में फैकल्टी का एचआर ऑनलाइन प्रदर्शित करने, बायोमेट्रिक अटेंडेंस लागू करने तथा सीसीटीवी कैमरे लगाने के सख्त निर्देश दिए है।
उन्होंने यह भी कहा कि जिन कॉलेजों को फिलहाल एनओसी के लिए योग्य नहीं पाया गया है, वे अपनी कमियां दूर कर विभाग को सूचित करें, ताकि भविष्य में उनके आवेदन पर पुनः विचार किया जा सके।






