रांची के खेलगांव में ‘ईस्ट टेक 2025’ का आगाज: आत्मनिर्भरता से संप्रभुता तक रक्षा नवाचार की झलक
East Tech 2025 Ranchiरांची: झारखंड की राजधानी रांची के होटवार स्थित खेलगांव में शुक्रवार (19 सितंबर 2025) से भारतीय सेना के इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है। यहां पहली बार ‘ईस्ट टेक 2025: आत्मनिर्भरता से संप्रभुता’ नामक भव्य कार्यक्रम का शुभारंभ हो रहा है। तीन दिनों तक चलने वाले इस आयोजन में स्वदेशी रक्षा तकनीक और भारतीय सेना की नई रणनीतिक क्षमताओं की झलक देखने को मिलेगी।
ईस्ट टेक 2025 – क्या है खास:
इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देना और देश को रक्षा उत्पादन में सशक्त बनाना है। ईस्ट टेक भारतीय सेना की पूर्वी कमान और सोसाइटी ऑफ इंडियन डिफेंस मैन्युफैक्चरर्स (SIDM) के सहयोग से आयोजित हो रहा है। यह रक्षा उद्योग और सशस्त्र बलों के बीच एक सेतु का कार्य करेगा।
रक्षा तकनीक का होगा भव्य प्रदर्शन:
रांची में पहली बार होने जा रहे इस आयोजन में डीआरडीओ, डिफेंस पब्लिक सेक्टर अंडरटेकिंग्स, निजी रक्षा निर्माता, एमएसएमई, स्टार्ट-अप्स और शैक्षणिक संस्थानों की भागीदारी रहेगी।
यहां सामरिक संचार प्रणाली, युद्धक्षेत्र गतिशीलता समाधान, सुरक्षा और उत्तरजीविता उपकरण, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस-आधारित अनुप्रयोग, ड्रोन और काउंटर-ड्रोन प्रौद्योगिकियां, रोबोटिक्स और स्वायत्त प्रणालियां, और उन्नत मारक क्षमता प्लेटफॉर्म जैसी नवीनतम तकनीकों का प्रदर्शन किया जाएगा।
राज्यपाल, सीएम और रक्षा राज्यमंत्री की मौजूदगी:
कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, प्रमुख रक्षा अध्यक्ष (सीडीएस) जनरल अनिल चौहान, लेफ्टिनेंट जनरल राम चंदर तिवारी, राजिंदर सिंह भाटिया और रक्षा राज्यमंत्री संजय सेठ उपस्थित रहेंगे। इनकी मौजूदगी से आयोजन को ऐतिहासिक महत्व मिलने जा रहा है।
सत्रों में चर्चा और नवाचार पर फोकस:
दोपहर 2 बजे से अलग-अलग सत्रों में रक्षा क्षेत्र की नई तकनीकों और नवोन्मेष पर चर्चा होगी।
रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल आर.के. आनंद ‘ऑपरेशनलाइजिंग डुअल यूज टेक्नोलॉजीज फॉर इंटीग्रेटेड नेशनल डिफेंस एंड डेवलपमेंट’ पर अपनी बात रखेंगे। इसके अलावा सैन्य तत्परता, सीमावर्ती क्षेत्रों में नागरिक-सैन्य अभिसरण, स्वदेशी प्रौद्योगिकी में नवाचार और रणनीतिक दूरदर्शिता जैसे विषयों पर भी विशेषज्ञ अपने विचार रखेंगे।
खेलगांव बना रक्षा नवाचार का हब:
रांची का खेलगांव इस दौरान देश-विदेश के रक्षा उद्योगों, सैन्य विशेषज्ञों और युवाओं के लिए एक केंद्र बन गया है। ईस्ट टेक 2025 के जरिए झारखंड की धरती पर पहली बार रक्षा नवाचार और तकनीकी विकास का इतना बड़ा मंच तैयार हुआ है।
जनभागीदारी और आत्मनिर्भर भारत:
यह आयोजन न केवल रक्षा उद्योग के लिए, बल्कि झारखंड और पूर्वी भारत के युवाओं के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनेगा। आत्मनिर्भर भारत की दिशा में यह कार्यक्रम एक मजबूत कदम साबित होगा।






