रिम्स में वेतन संकट को लेकर झामुमो सरकार पर भाजपा का हमला, डॉ. प्रदीप वर्मा बोले- स्वास्थ्य व्यवस्था वेंटिलेटर पर

RIMS Salary Dispute

रांची: झारखंड की स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर भाजपा ने एक बार फिर राज्य सरकार को निशाने पर लिया है। भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद डॉ. प्रदीप वर्मा ने आरोप लगाया है कि झामुमो-कांग्रेस गठबंधन सरकार के कार्यकाल में स्वास्थ्य विभाग अव्यवस्था, लापरवाही और प्रशासनिक विफलताओं का केंद्र बन गया है। उन्होंने कहा कि राज्य के सबसे बड़े सरकारी चिकित्सा संस्थान रिम्स (राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान) में डॉक्टरों और कर्मचारियों को पिछले तीन महीनों से वेतन नहीं मिला है, जिससे कर्मचारियों और चिकित्सकों में भारी असंतोष है।

रिम्स में वेतन भुगतान में देरी पर सरकार घिरी
डॉ. वर्मा ने कहा कि रिम्स जैसे प्रतिष्ठित संस्थान में वेतन भुगतान लंबित रहना राज्य सरकार की वित्तीय और प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। उनके अनुसार, वेतन नहीं मिलने से डॉक्टरों और कर्मचारियों को आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है, जिसका सीधा असर मरीजों की चिकित्सा सेवाओं पर पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि सरकार को यह समझना चाहिए कि स्वास्थ्य सेवाएं किसी भी राज्य की मूलभूत आवश्यकता होती हैं और यदि चिकित्साकर्मी ही आर्थिक संकट से जूझेंगे तो स्वास्थ्य व्यवस्था प्रभावित होना स्वाभाविक है।

स्वास्थ्य मंत्री की भूमिका पर उठाए सवाल
भाजपा सांसद ने स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था गंभीर चुनौतियों से गुजर रही है, लेकिन मंत्री विभागीय समस्याओं के समाधान के बजाय राजनीतिक बयानबाजी में अधिक व्यस्त दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि जनता यह जानना चाहती है कि स्वास्थ्य विभाग की लगातार बिगड़ती स्थिति के लिए जवाबदेही कौन तय करेगा। रिम्स में वेतन संकट और स्वास्थ्य सेवाओं में आ रही चुनौतियों पर सरकार की ओर से अब तक कोई ठोस समाधान सामने नहीं आया है।

गरीब मरीजों पर पड़ सकता है असर
डॉ. वर्मा ने कहा कि रिम्स झारखंड ही नहीं बल्कि पड़ोसी राज्यों के हजारों गरीब और जरूरतमंद मरीजों के लिए जीवनरेखा का काम करता है। ऐसे संस्थान में यदि डॉक्टर और कर्मचारी असंतुष्ट रहेंगे तो सबसे अधिक नुकसान उन मरीजों को होगा जो बेहतर इलाज की उम्मीद लेकर अस्पताल पहुंचते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार की उदासीनता के कारण स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है और इसका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ सकता है।

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स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति पर भाजपा का हमला
भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति लगातार बिगड़ रही है। उन्होंने दावा किया कि कई अस्पतालों में दवाओं की कमी, संसाधनों का अभाव और चिकित्साकर्मियों की नाराजगी जैसी समस्याएं सामने आ रही हैं। उनके अनुसार, सरकार इन मुद्दों के समाधान के बजाय राजनीतिक प्रबंधन में अधिक रुचि दिखा रही है। उन्होंने कहा कि यदि स्वास्थ्य क्षेत्र में समय रहते सुधारात्मक कदम नहीं उठाए गए तो आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर हो सकती है।

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सड़क से सदन तक आंदोलन की चेतावनी
डॉ. प्रदीप वर्मा ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि रिम्स कर्मियों का लंबित वेतन जल्द जारी नहीं किया गया और स्वास्थ्य व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए प्रभावी कदम नहीं उठाए गए, तो भाजपा इस मुद्दे को सड़क से लेकर सदन तक उठाएगी। उन्होंने कहा कि भाजपा जनता से जुड़े मुद्दों पर चुप नहीं बैठेगी और स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर सरकार की जवाबदेही तय करने के लिए संघर्ष जारी रखेगी।

राजनीतिक बहस के केंद्र में स्वास्थ्य व्यवस्था
रिम्स में वेतन भुगतान और स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर उठे इस विवाद ने झारखंड की राजनीति में नया मुद्दा खड़ा कर दिया है। भाजपा जहां सरकार को स्वास्थ्य क्षेत्र में विफल बता रही है, वहीं इस मामले में सरकार या स्वास्थ्य विभाग की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों स्तरों पर चर्चा का विषय बना रह सकता है।

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