Tirupati Laddu Case: ED की बड़ी कार्रवाई, 15 ठिकानों पर छापेमारी, 45 करोड़ की संपत्ति जांच के दायरे में
तिरुपति लड्डू विवाद में ED का बड़ा एक्शन, 15 ठिकानों पर छापेमारी से मचा हड़कंप
नई दिल्ली/तिरुपति: देशभर में चर्चा का विषय बने तिरुपति लड्डू विवाद मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 15 अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी की है। जांच एजेंसी की प्रारंभिक पड़ताल में यह खुलासा हुआ है कि कथित रूप से मिलावटी घी की सप्लाई से अर्जित अवैध कमाई के जरिए लगभग 45 करोड़ रुपये की संपत्ति खड़ी की गई।
यह मामला उस समय सुर्खियों में आया था जब तिरुपति मंदिर के प्रसिद्ध प्रसाद लड्डू में इस्तेमाल होने वाले घी की गुणवत्ता को लेकर गंभीर सवाल उठे थे। आरोप लगाया गया था कि निर्धारित मानकों के अनुरूप शुद्ध घी की जगह मिलावटी या निम्न गुणवत्ता वाले घी की आपूर्ति की गई, जिससे श्रद्धालुओं की भावनाएं आहत हुईं और मंदिर प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े हुए।
मनी लॉन्ड्रिंग एंगल की जांच में जुटी ED
सूत्रों के अनुसार, ईडी अब इस पूरे मामले की मनी लॉन्ड्रिंग के दृष्टिकोण से जांच कर रही है। एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि कथित अवैध कमाई को किन-किन माध्यमों से निवेश किया गया और उससे कौन-कौन सी चल-अचल संपत्तियां खरीदी गईं। जांच के दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेज, वित्तीय रिकॉर्ड, बैंकिंग लेन-देन और संपत्ति से जुड़े कागजात एजेंसी के हाथ लगे हैं, जिनकी जांच की जा रही है।
45 करोड़ रुपये की संपत्तियों पर एजेंसियों की नजर
जांच में सामने आया है कि कथित घी आपूर्ति नेटवर्क से जुड़े लोगों ने पिछले कुछ वर्षों में करोड़ों रुपये की संपत्तियां अर्जित कीं। प्रारंभिक आंकड़ों के अनुसार करीब 45 करोड़ रुपये मूल्य की संपत्तियां जांच एजेंसियों के रडार पर हैं। इन संपत्तियों में जमीन, व्यावसायिक प्रतिष्ठान, आवासीय भवन और अन्य निवेश शामिल होने की बात कही जा रही है। हालांकि एजेंसी की ओर से अभी विस्तृत आधिकारिक जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है।
श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा मामला
तिरुपति बालाजी मंदिर देश के सबसे प्रतिष्ठित धार्मिक स्थलों में से एक है, जहां प्रतिदिन लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। मंदिर का लड्डू प्रसाद न केवल धार्मिक महत्व रखता है, बल्कि इसकी गुणवत्ता और पवित्रता को लेकर भी विशेष विश्वास जुड़ा हुआ है। ऐसे में घी की गुणवत्ता से जुड़े आरोपों और अब ईडी की कार्रवाई ने मामले को और गंभीर बना दिया है। धार्मिक संगठनों और श्रद्धालुओं की मांग है कि मामले की निष्पक्ष जांच हो और यदि कोई दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।
जांच जारी, आगे और खुलासों की संभावना
ईडी की कार्रवाई के बाद माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे हो सकते हैं। एजेंसी वित्तीय लेन-देन, सप्लाई चेन और संबंधित कंपनियों की भूमिका की गहन जांच कर रही है। फिलहाल छापेमारी के दौरान जुटाए गए दस्तावेजों और डिजिटल साक्ष्यों का विश्लेषण किया जा रहा है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि कथित अवैध कमाई का पूरा नेटवर्क कितना बड़ा था और इसमें किन-किन लोगों की भूमिका रही।





