मातृ और शिशु मृत्यु दर में गिरावट लाने हेतु रांची में राज्य स्तरीय कार्यशाला, स्वास्थ्य मेले में जुटे हजारों लोग

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राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के 20 वर्ष पूर्ण होने पर रांची में कार्यशाला और स्वास्थ्य मेला, RMNCH+A कार्यक्रम की जानकारी के साथ मुफ्त जांच और इलाज की सुविधा

रांची, झारखंड: राज्य की राजधानी रांची के नामकुम स्थित लोक स्वास्थ्य संस्थान में शुक्रवार को एक अहम कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य राज्य में मातृ और शिशु मृत्यु दर को कम करना और ग्रामीण-शहरी जनसंख्या में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को मजबूत करना था। यह कार्यक्रम राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) की 20वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया था और इसमें राज्य एवं जिला स्तर के स्वास्थ्य पदाधिकारियों, चिकित्सा विशेषज्ञों और सामुदायिक स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया।

कार्यशाला का उद्देश्य और संरचना
कार्यशाला के पहले सत्र में सभी जिलों के मेडिकल ऑफिसर, नोडल CHO, डीपीएम, डीपीसी और कोल्ड चेन मैनेजर ने भाग लिया, जबकि दूसरे सत्र में सहिया साथी, स्वास्थ्य सहियाएं, और स्थानीय स्वास्थ्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।
कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए IEC कोषांग के राज्य नोडल पदाधिकारी डॉ. लाल माझी ने कहा,

“एनएचएम के 20 वर्षों की यात्रा जनस्वास्थ्य के क्षेत्र में मील का पत्थर रही है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य न सिर्फ मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य में सुधार है, बल्कि लोगों को जागरूक करना और सेवा के प्रति विश्वास बढ़ाना भी है।”

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RMNCH+A पर आधारित स्वास्थ्य दृष्टिकोण
कार्यक्रम में मातृत्व कोषांग की राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ पुष्पा ने RMNCH+A कार्यक्रम (Reproductive, Maternal, Newborn, Child, Adolescent Health and Nutrition) पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने बताया कि यह कार्यक्रम एकीकृत, समग्र और चरणबद्ध स्वास्थ्य सेवा प्रदान करने का माध्यम है। इस पहल का मूल उद्देश्य है—

  • मातृत्व स्वास्थ्य को सुदृढ़ करना
  • नवजात मृत्यु दर को कम करना
  • किशोर स्वास्थ्य और पोषण पर विशेष ध्यान देना
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कार्यक्रम में विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के डॉ. अमरेन्द्र, यूनिसेफ के डॉ. वनेश माथुर, और जपाइगो के श्री कुलभूषण ने भी अपने बहुमूल्य सुझाव दिए।

स्वास्थ्य मेला: 43 स्टॉल, हजारों लाभार्थी
इस अवसर पर नामकुम स्थित आरसीएच परिसर में एक विशाल स्वास्थ्य मेला भी आयोजित किया गया, जो 28 जुलाई तक चलेगा। इसमें एलोपैथ, आयुर्वेद, होम्योपैथ चिकित्सा पद्धतियों के विशेषज्ञों द्वारा मरीजों को नि:शुल्क परामर्श, जांच और दवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
विशेष सेवाओं में शामिल हैं:

  • एक्स-रे, ईसीजी, बीपी, शुगर
  • नेत्र परीक्षण, सिकल सेल जांच
  • मौखिक रोग और बहरापन परीक्षण

निदेशक प्रमुख का निरीक्षण
स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए स्वास्थ्य सेवा निदेशक प्रमुख डॉ. सिद्धार्थ सान्याल ने मेले में लगे सभी 43 स्टॉलों का निरीक्षण किया। उन्होंने विभिन्न विभागों द्वारा किए जा रहे नवाचारों की सराहना की और निर्देश दिए कि बेहतर प्रदर्शन करने वाले स्टॉलों को पुरस्कृत किया जाएगा।

स्वच्छता कर्मियों के लिए विशेष स्वास्थ्य शिविर
स्वास्थ्य मेले के चौथे दिन स्वच्छता कर्मियों के लिए एक विशेष स्वास्थ्य शिविर आयोजित किया गया। इसमें बीपी, डायबिटीज, किट बेस्ड टेस्ट, ओपीडी सेवा, दवा वितरण और काउंसिलिंग जैसी सेवाएं दी गईं।
डॉ. रक्षित भूषण और उनकी टीम ने शिविर का संचालन किया जिसमें ANM, GNM, फार्मासिस्ट और लैब टेक्नीशियन शामिल थे।

रांची में आयोजित यह कार्यशाला और स्वास्थ्य मेला न केवल स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं को जोड़ने का माध्यम बना, बल्कि आम जनता को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक और सशक्त भी बना रहा है।
एनएचएम के दो दशकों की उपलब्धि को दर्शाने वाला यह आयोजन, झारखंड को एक स्वास्थ्य समृद्ध राज्य की ओर ले जाने की दिशा में एक मजबूत कदम है। ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवा की पहुंच और गुणवत्ता में सुधार की यह प्रक्रिया, मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में स्थायी गिरावट की आधारशिला सिद्ध हो सकती है।

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