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नेपाल में राजनीतिक संकट: सुशीला कार्की बनीं अंतरिम पीएम, 6 महीने में चुनाव
Sushila Karki interim PM in Nepalकाठमांडू: नेपाल में जारी राजनीतिक संकट को समाप्त करने के लिए अंतरिम सरकार बनाने की कोशिशें तेज हो गई हैं। राष्ट्रपति भवन में गुरुवार को हुई एक अहम बैठक के बाद यह सहमति बनी कि देश की पूर्व चीफ जस्टिस सुशीला कार्की को अंतरिम प्रधानमंत्री बनाया जाएगा।
सूत्रों के अनुसार इस बैठक में नेपाल के सेना प्रमुख, चीफ जस्टिस, स्पीकर, और विभिन्न दलों के वरिष्ठ नेताओं ने हिस्सा लिया। बैठक में देश के मौजूदा राजनीतिक गतिरोध को खत्म करने और जल्द चुनाव कराने पर भी चर्चा हुई।
संसद भंग, 6 महीने में चुनाव
बैठक में यह फैसला भी लिया गया कि मौजूदा संसद को भंग किया जाएगा और छह महीने के भीतर नए चुनाव कराए जाएंगे। अंतरिम सरकार के गठन का उद्देश्य देश को स्थिरता देना और जल्द से जल्द नए जनादेश के लिए रास्ता खोलना है।
सुशीला कार्की की दावेदारी मजबूत
नेपाल की पहली महिला चीफ जस्टिस रह चुकीं सुशीला कार्की का नाम अंतरिम प्रधानमंत्री के लिए पहले से ही चर्चा में था।
काठमांडू के मेयर और लोकप्रिय नेता बालेन शाह सहित कई प्रमुख नेताओं ने भी सार्वजनिक रूप से कार्की का समर्थन किया है। इससे उनकी दावेदारी और मजबूत हुई है।
नेताओं की सहमति और सेना का रुख
नेताओं के बीच यह सहमति बनी है कि अंतरिम सरकार में सभी दलों को प्रतिनिधित्व दिया जाएगा। सेना प्रमुख ने भी अंतरिम सरकार को समर्थन देने का संकेत दिया है। माना जा रहा है कि सेना की ओर से मिली सहमति राजनीतिक स्थिरता के लिए अहम साबित होगी।
राजनीतिक संकट की पृष्ठभूमि
नेपाल में हालिया महीनों में सरकार के खिलाफ बढ़ते विरोध, संसद में गतिरोध और दलों के बीच खींचतान के कारण देश में राजनीतिक अस्थिरता बढ़ी है। कई मंत्रियों के इस्तीफे और विपक्ष के दबाव के बाद सरकार अल्पमत में आ गई थी। ऐसे में अंतरिम सरकार का गठन संकट से निकलने का रास्ता माना जा रहा है।
चुनाव से पहले का माहौल
छह महीने में चुनाव कराए जाने के फैसले के बाद नेपाल के राजनीतिक दलों ने तैयारी शुरू कर दी है। विश्लेषकों का मानना है कि अंतरिम सरकार के नेतृत्व में निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव कराने के लिए मजबूत प्रशासनिक कदम उठाने होंगे।
सुशीला कार्की कौन हैं?
सुशीला कार्की 2016 में नेपाल की पहली महिला मुख्य न्यायाधीश बनी थीं। उन्होंने अपने कार्यकाल में न्यायिक पारदर्शिता और सुशासन पर कई बड़े फैसले दिए। उनकी छवि एक साफ-सुथरी और निष्पक्ष नेता के रूप में मानी जाती है। यही वजह है कि राजनीतिक दलों और सिविल सोसाइटी में उनका नाम व्यापक समर्थन पा रहा है|
नेपाल में अंतरिम सरकार बनाना और छह महीने में चुनाव कराना राजनीतिक स्थिरता की दिशा में बड़ा कदम है। अब सबकी नजरें इस पर होंगी कि सुशीला कार्की के नेतृत्व में अंतरिम सरकार कितनी सफल रहती है और देश को नए जनादेश की ओर कैसे ले जाती है।






