निकाय चुनाव और बोर्ड परीक्षा के बीच हाई कोर्ट सख्त, तय सीमा से ज्यादा साउंड पर होगी कड़ी कार्रवाई
रांची: झारखंड में चल रहे नगर निकाय चुनाव और मैट्रिक-इंटर समेत विभिन्न बोर्ड परीक्षाओं को देखते हुए हाई कोर्ट के निर्देश पर जिला प्रशासन सख्त हो गया है। रांची जिला प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि चुनाव प्रचार या किसी भी आयोजन में तय डेसिबल सीमा से अधिक तेज आवाज में साउंड बजाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। नियमों का उल्लंघन करने पर संबंधित वाहनों को जब्त करने तक की कार्रवाई होगी।
हाई कोर्ट के आदेश के बाद प्रशासन ने जारी की गाइडलाइन
झारखंड उच्च न्यायालय के आदेश के अनुपालन में उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी मंजूनाथ भजन्त्री ने ध्वनि प्रदूषण नियंत्रण को लेकर विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। अनुमंडल पदाधिकारी सदर कुमार रजत को निर्देश दिया गया है कि सभी मानकों का सख्ती से पालन सुनिश्चित कराया जाए। प्रशासन ने साफ किया है कि चुनाव प्रचार से जुड़े वाहन, प्रत्याशी, बार-रेस्टोरेंट संचालक या आयोजक यदि तय सीमा से अधिक साउंड बजाते पाए गए तो उनके खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाएगी।
परीक्षाओं को ध्यान में रखकर सख्ती
राज्य में इस समय सीबीएसई, आईसीएसई और झारखंड एकेडमिक काउंसिल (JAC) द्वारा संचालित बोर्ड परीक्षाएं चल रही हैं। फरवरी 2026 में 10वीं और 12वीं की परीक्षाएं जारी हैं, जबकि 8वीं, 9वीं और 11वीं की परीक्षाएं फरवरी के अंतिम सप्ताह से मार्च के पहले सप्ताह तक प्रस्तावित हैं। प्रशासन का कहना है कि छात्रों को शांत माहौल मिले, इसके लिए ध्वनि प्रदूषण पर नियंत्रण जरूरी है।
चुनाव प्रचार और आयोजनों पर विशेष नजर
जिला प्रशासन के अनुसार, नगर निगम चुनाव के दौरान कई प्रत्याशी छोटे-बड़े वाहनों पर लाउडस्पीकर, डीजे और पब्लिक एड्रेस सिस्टम का इस्तेमाल कर प्रचार कर रहे हैं। इसके अलावा बार, ओपन रेस्टोरेंट और अन्य आयोजनों में भी देर रात तक तेज संगीत बजाए जाने की शिकायतें मिली हैं। ऐसे मामलों में अब सख्त कार्रवाई होगी।
तय किए गए ध्वनि प्रदूषण मानक
Noise Pollution Rules, 2000 के अनुसार प्रशासन ने प्रमुख मानक दोहराए हैं—
- आवासीय क्षेत्र: दिन में 55 dB(A), रात में 45 dB(A)
- वाणिज्यिक क्षेत्र: दिन में 65 dB(A), रात में 55 dB(A)
- रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक बिना अनुमति लाउडस्पीकर पूर्णतः प्रतिबंधित
- सार्वजनिक स्थान पर ध्वनि सीमा ambient standard से 10 dB(A) से अधिक नहीं
- निजी स्थानों पर भी आसपास के शोर स्तर में 5 dB(A) से अधिक वृद्धि नहीं
उल्लंघन पर होगी कड़ी कानूनी कार्रवाई
प्रशासन ने चेतावनी दी है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ ध्वनि प्रदूषण नियमों के साथ अन्य संबंधित धाराओं के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। हाई कोर्ट पहले भी राज्य में लाउडस्पीकर और डीजे पर रात्रि प्रतिबंध और अनुमति अनिवार्यता को लेकर सख्त निर्देश दे चुका है।
रांची प्रशासन का कहना है कि चुनावी माहौल और त्योहारों के बीच कानून-व्यवस्था बनाए रखना और छात्रों को शांत वातावरण देना प्राथमिकता है। ऐसे में आने वाले दिनों में शहर में ध्वनि प्रदूषण के खिलाफ सख्त अभियान देखने को मिल सकता है।






