बिहार की राजनीति में नई एंट्री: जदयू में शामिल हुए निशांत कुमार, कार्यकर्ता बनकर जनता की सेवा करने का संकल्प
पटना: बिहार की राजनीति में रविवार को बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम देखने को मिला, जब मुख्यमंत्री नितीश कुमार के बेटे निशांत कुमार ने औपचारिक रूप से Janata Dal (United) की सदस्यता ग्रहण कर ली। पटना के वीरचंद्र पटेल रोड स्थित जदयू प्रदेश कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने उन्हें पार्टी की सदस्यता दिलाई। इस मौके पर बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता और नेता मौजूद थे, जिससे पूरे परिसर में उत्साह का माहौल दिखाई दिया।
सदस्यता ग्रहण करने के बाद निशांत कुमार ने पार्टी के नेताओं, कार्यकर्ताओं और बिहार की जनता का आभार व्यक्त किया और कहा कि वह अब एक साधारण कार्यकर्ता के रूप में जनता की सेवा करेंगे।

कार्यकर्ता बनकर सेवा करने का संकल्प
अपने संबोधन में निशांत कुमार ने कहा कि उनके पिता ने बिहार के विकास के लिए वर्षों तक काम किया है और अब वह उसी कार्य को आगे बढ़ाने का प्रयास करेंगे। उन्होंने कहा कि राजनीति में यह उनकी पहली औपचारिक शुरुआत है और उन्हें अभी बहुत कुछ सीखना है। इसके लिए वह जनता का मार्गदर्शन और आशीर्वाद चाहते हैं।
निशांत कुमार ने यह भी स्पष्ट किया कि उनके पिता का राज्यसभा जाने का निर्णय पूरी तरह उनका व्यक्तिगत फैसला है। उन्होंने कहा कि वह खुद किसी पद की अपेक्षा नहीं रखते और फिलहाल एक कार्यकर्ता के रूप में पार्टी के लिए काम करेंगे।
सुबह से जुटने लगे थे कार्यकर्ता
निशांत कुमार की सदस्यता को लेकर जदयू कार्यालय में सुबह से ही हलचल तेज हो गई थी। राज्य के विभिन्न जिलों से पार्टी कार्यकर्ता पटना पहुंचे थे। नालंदा, मोकामा और बाढ़ जैसे क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में समर्थक कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे। कार्यक्रम स्थल के बाहर समर्थकों ने नीतीश कुमार और निशांत कुमार के समर्थन में नारे लगाए।
कुछ समर्थक घोड़े और हाथी लेकर भी कार्यक्रम स्थल पहुंचे, जिससे पूरे आयोजन का माहौल उत्सव जैसा दिखाई दिया। भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए थे और बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी।

समर्थकों में दिखा खास उत्साह
जदयू कार्यकर्ताओं में निशांत कुमार की राजनीतिक एंट्री को लेकर काफी उत्साह देखने को मिला। कई समर्थकों ने इसे पार्टी के लिए नई शुरुआत बताया। कुछ कार्यकर्ताओं का कहना था कि निशांत कुमार के आने से संगठन को नई ऊर्जा मिलेगी और आने वाले समय में वह बिहार की राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
कुछ समर्थकों ने यह भी कहा कि वे चाहते हैं कि भविष्य में निशांत कुमार राज्य की जिम्मेदारी संभालें और नीतीश कुमार के बाद बिहार का नेतृत्व करें।
पूरे बिहार का दौरा करेंगे
जदयू के वरिष्ठ नेता और विधान परिषद सदस्य नीरज कुमार ने इस मौके को पार्टी के लिए महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि निशांत कुमार के शामिल होने से संगठन को मजबूती मिलेगी। उन्होंने बताया कि सदस्यता ग्रहण करने के बाद निशांत कुमार ने पूरे बिहार का दौरा करने का फैसला किया है। वह जल्द ही पार्टी संगठन से जुड़े कार्यक्रमों में सक्रिय रूप से भाग लेंगे और कार्यकर्ताओं से संवाद करेंगे।

सदस्यता से पहले हुई नेताओं के साथ बैठक
सदस्यता लेने से एक दिन पहले शनिवार को निशांत कुमार ने संजय झा के आवास पर पार्टी विधायकों और वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठक की थी। इस बैठक में मंत्री श्रवण कुमार सहित कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए थे। बैठक के दौरान निशांत कुमार ने पार्टी के नेताओं से विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की और उनकी राय भी जानी।
पार्टी सूत्रों के अनुसार आने वाले समय में निशांत कुमार को संगठन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी जा सकती है। फिलहाल उनकी इस एंट्री को बिहार की राजनीति में एक नए अध्याय की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है।






