पटना और गया से शुरू होंगी इंटरनेशनल फ्लाइट्स, काठमांडू से लेकर सिंगापुर तक डायरेक्ट कनेक्टिविटी
मुनादी लाइव : बिहार के लिए हवाई कनेक्टिविटी के क्षेत्र में एक बड़ी खबर सामने आई है। जल्द ही राजधानी पटना और गया जी से अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की शुरुआत होने जा रही है, जिससे यात्रियों को विदेश यात्रा में बड़ी सुविधा मिलेगी। इस पहल के बाद बिहार सीधे कई प्रमुख अंतरराष्ट्रीय शहरों से जुड़ जाएगा, जो राज्य के विकास और पर्यटन के लिए भी महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
किन शहरों के लिए मिलेगी डायरेक्ट फ्लाइट
नई योजना के तहत पटना से काठमांडू के लिए सीधी उड़ान शुरू की जाएगी। वहीं गया जी से सिंगापुर, बैंकॉक, कोलंबो, काठमांडू और शारजाह जैसे अंतरराष्ट्रीय शहरों के लिए डायरेक्ट फ्लाइट सेवा उपलब्ध होगी। इससे यात्रियों को अब दिल्ली या अन्य बड़े शहरों के जरिए कनेक्टिंग फ्लाइट लेने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
टेंडर प्रक्रिया शुरू
इन अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को शुरू करने के लिए टेंडर प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।अप्रैल के तीसरे सप्ताह से एयरलाइंस कंपनियां इस टेंडर में भाग ले सकेंगी। इसके बाद चयन प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी और कंपनियों को संचालन की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।
कब से शुरू हो सकती हैं उड़ानें
योजना के अनुसार, 2026 की गर्मी की छुट्टियों से पहले ही इन अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की शुरुआत हो सकती है। यदि सब कुछ तय समय के अनुसार हुआ, तो आने वाले कुछ महीनों में ही बिहार से विदेश यात्रा और आसान हो जाएगी।
पर्यटन और व्यापार को मिलेगा बढ़ावा
गया जी से अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की शुरुआत विशेष रूप से पर्यटन के लिए फायदेमंद होगी, क्योंकि यह बौद्ध तीर्थ स्थल होने के कारण दुनिया भर के पर्यटकों को आकर्षित करता है। सिंगापुर, बैंकॉक और कोलंबो जैसे शहरों से सीधी कनेक्टिविटी मिलने से विदेशी पर्यटकों की संख्या बढ़ने की उम्मीद है।
वहीं पटना से काठमांडू की फ्लाइट शुरू होने से व्यापार और सांस्कृतिक संबंध भी मजबूत होंगे।
यात्रियों को क्या होगा फायदा
इन उड़ानों के शुरू होने से यात्रियों का समय और खर्च दोनों कम होगा। सीधी उड़ान मिलने से यात्रा अधिक सुविधाजनक और तेज हो जाएगी, खासकर उन लोगों के लिए जो अक्सर विदेश यात्रा करते हैं। पटना और गया से इंटरनेशनल फ्लाइट की शुरुआत बिहार के लिए एक बड़ा कदम साबित होगी। यह न केवल यात्रियों को सुविधा देगा, बल्कि राज्य के पर्यटन, व्यापार और वैश्विक संपर्क को भी नई दिशा देगा।






