Garhwa News: उपायुक्त पशुपति नाथ मिश्रा का औचक निरीक्षण, अस्पताल और अनुमंडल कार्यालय की व्यवस्थाओं पर जताई नाराजगी
अस्पताल और कार्यालयों की व्यवस्थाओं को सुधारने के दिए निर्देश
गढ़वा: जिले में प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक प्रभावी तथा जनोन्मुखी बनाने के उद्देश्य से गढ़वा उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी पशुपति नाथ मिश्रा ने अपने क्षेत्र भ्रमण के दौरान नगर ऊंटारी स्थित अनुमंडलीय अस्पताल और श्री बंशीधर नगर अनुमंडल कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अस्पताल एवं कार्यालय की कार्यप्रणाली, साफ-सफाई, कर्मचारियों की उपस्थिति तथा आम लोगों को दी जा रही सेवाओं की गुणवत्ता का बारीकी से मूल्यांकन किया। उपायुक्त के इस औचक निरीक्षण से अस्पताल और प्रशासनिक कार्यालयों में हड़कंप की स्थिति रही। उन्होंने स्पष्ट संदेश दिया कि सरकारी संस्थानों में लापरवाही, अव्यवस्था और अनुशासनहीनता किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
अस्पताल में साफ-सफाई और संसाधनों की अव्यवस्थित स्थिति पर नाराजगी
नगर ऊंटारी अनुमंडलीय अस्पताल के निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने अस्पताल परिसर की साफ-सफाई व्यवस्था का जायजा लिया। निरीक्षण में पाया गया कि अस्पताल के कई हिस्सों में स्वच्छता का स्तर संतोषजनक नहीं था। विशेष रूप से नर्सिंग सामग्री, जांच उपकरणों और अन्य चिकित्सा संसाधनों को व्यवस्थित ढंग से नहीं रखा गया था। इस स्थिति पर नाराजगी व्यक्त करते हुए उपायुक्त ने प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. सुचित्रा कुमारी को निर्देश दिया कि अस्पताल में उपलब्ध सभी संसाधनों का समुचित प्रबंधन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि अस्पताल में आने वाले मरीजों को स्वच्छ और व्यवस्थित वातावरण मिलना चाहिए, ताकि उपचार प्रक्रिया बेहतर ढंग से संचालित हो सके।

मरीज वार्ड की स्थिति संतोषजनक, लेकिन लैब और गलियारों में दिखी कमी
निरीक्षण के दौरान मरीज भर्ती वार्ड और महिला वार्ड की साफ-सफाई की स्थिति अपेक्षाकृत बेहतर पाई गई। उपायुक्त ने इन वार्डों की व्यवस्था पर संतोष व्यक्त किया। हालांकि अस्पताल के कार्यालय कक्ष, प्रयोगशाला (लैब) और गलियारों में पर्याप्त सफाई नहीं मिलने पर उन्होंने तत्काल सुधारात्मक कदम उठाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि अस्पताल के प्रत्येक हिस्से में स्वच्छता और सुव्यवस्था बनाए रखना अनिवार्य है क्योंकि यह सीधे मरीजों और उनके परिजनों के स्वास्थ्य एवं अनुभव से जुड़ा विषय है। निरीक्षण के दौरान चिकित्सक और स्वास्थ्यकर्मी अपने-अपने कार्यस्थलों पर उपस्थित पाए गए, जिसे उपायुक्त ने सकारात्मक पहलू बताया।
अनुमंडल कार्यालय में अधिकांश कर्मचारी मिले उपस्थित
अस्पताल निरीक्षण के बाद उपायुक्त पशुपति नाथ मिश्रा ने श्री बंशीधर नगर अनुमंडल कार्यालय का भी औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने विभिन्न शाखाओं में जाकर कार्यालयी कार्यों की प्रगति, कर्मियों की उपस्थिति और जनसेवा से जुड़े कार्यों की समीक्षा की। निरीक्षण में अधिकांश कर्मचारी अपने कार्यस्थल पर उपस्थित पाए गए तथा कार्यालयी कामकाज सामान्य रूप से संचालित होता मिला। हालांकि दो कर्मचारी—अमरजीत कुमार सिंह (अनुसेवक) और संतोष कुमार पासवान (जीप चालक)—कार्यालय से अनुपस्थित पाए गए। उपायुक्त ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि अनुपस्थित कर्मियों के संबंध में नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
कार्य संस्कृति और जवाबदेही पर दिया विशेष जोर
निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने अधिकारियों और कर्मचारियों को स्पष्ट संदेश दिया कि सरकारी संस्थानों में कार्य संस्कृति, अनुशासन और जवाबदेही को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि आम जनता को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है और इसके लिए प्रत्येक कर्मचारी को पूरी निष्ठा एवं जिम्मेदारी के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करना होगा। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य संस्थान और सरकारी कार्यालय आम लोगों की उम्मीदों का केंद्र होते हैं। ऐसे में यहां की व्यवस्था, व्यवहार और कार्य निष्पादन का स्तर हमेशा बेहतर होना चाहिए।

नियमित निगरानी और सुधार के निर्देश
उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि अस्पताल और कार्यालयों की व्यवस्थाओं की नियमित निगरानी की जाए तथा समय-समय पर निरीक्षण कर आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाए जाएं। उन्होंने कहा कि साफ-सफाई, संसाधनों के प्रबंधन और कर्मचारियों की जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए निरंतर प्रयास किए जाने चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि प्रशासन का लक्ष्य केवल योजनाओं का क्रियान्वयन नहीं, बल्कि आम नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण सेवाएं उपलब्ध कराना है। इसके लिए सभी विभागों को समन्वय के साथ कार्य करना होगा।
प्रशासनिक सख्ती का स्पष्ट संदेश
गढ़वा उपायुक्त के इस औचक निरीक्षण को प्रशासनिक सख्ती और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। निरीक्षण के दौरान दी गई हिदायतों से यह स्पष्ट हो गया है कि जिला प्रशासन अब स्वास्थ्य संस्थानों और सरकारी कार्यालयों की कार्यप्रणाली को लेकर किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार करने के मूड में नहीं है। उम्मीद की जा रही है कि इस निरीक्षण के बाद अस्पताल और अनुमंडल कार्यालय दोनों जगह व्यवस्थाओं में सुधार देखने को मिलेगा तथा आम जनता को बेहतर सेवाएं प्राप्त होंगी।






