JPSC परीक्षा अनियमितता जांच में CID का बड़ा एक्शन, उप परीक्षा नियंत्रक समेत 5 आरोपी गिरफ्तार
रांची: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) द्वारा आयोजित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की जांच कर रहे अपराध अनुसंधान विभाग (CID) ने बुधवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई झारखंड सरकार के निर्देश पर दर्ज शिकायतों और आरोपों की जांच के बाद की गई है। CID ने रांची पुलिस के सहयोग से JPSC कार्यालय सहित राज्य के विभिन्न ठिकानों पर छापेमारी कर कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और साक्ष्य जुटाए। जांच में मिले प्रारंभिक साक्ष्यों के आधार पर रांची स्थित CID थाना में कांड संख्या 16/2026 दर्ज किया गया है।
किन धाराओं में दर्ज हुआ मामला?
CID की ओर से दर्ज प्राथमिकी में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के साथ-साथ सार्वजनिक परीक्षा (भर्ती में अनुचित साधनों की रोकथाम एवं निवारण के उपाय) अधिनियम, 2023 की संबंधित धाराएं भी लगाई गई हैं। जांच एजेंसी के अनुसार, यह कार्रवाई उपलब्ध साक्ष्यों और शिकायतों के आधार पर की गई है।
ये पांच लोग हुए गिरफ्तार
CID द्वारा गिरफ्तार किए गए आरोपियों में शामिल हैं—
- श्वेता कुमारी गुप्ता – उप परीक्षा नियंत्रक, JPSC
- रामवीर सिंह – निदेशक, TSR Data Processing Private Limited
- मो. उस्मान
- मो. इरफान
- अभय कुमार तिवारी
जांच एजेंसी ने बताया कि सभी आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है।
JPSC कार्यालय में हुई थी छापेमारी
इससे पहले CID और रांची पुलिस की संयुक्त टीम ने मंगलवार को JPSC कार्यालय में छापेमारी की थी। छापेमारी के दौरान कई दस्तावेज और डिजिटल रिकॉर्ड जब्त किए गए थे। उसी कार्रवाई के बाद उप परीक्षा नियंत्रक श्वेता कुमारी गुप्ता सहित कई लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया था। पूछताछ और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर बुधवार को उनकी गिरफ्तारी की गई।
जांच अभी जारी
CID ने अपनी प्रेस विज्ञप्ति में स्पष्ट किया है कि मामले की जांच अभी जारी है। जांच के दौरान यदि नए साक्ष्य या अन्य तथ्यों का पता चलता है तो कानून के अनुसार आगे भी कार्रवाई की जाएगी। एजेंसी का कहना है कि जांच का उद्देश्य JPSC द्वारा आयोजित प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं से जुड़े सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच करना है।
पहले से जांच के घेरे में है JPSC
गौरतलब है कि हाल के दिनों में JPSC की विभिन्न भर्ती परीक्षाओं को लेकर कथित अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। इन्हीं शिकायतों के आधार पर राज्य सरकार ने मामले की जांच CID को सौंपी थी। हाल ही में JPSC कार्यालय में छापेमारी, तत्कालीन अध्यक्ष एल. ख्यांग्ते के इस्तीफे और अब पांच लोगों की गिरफ्तारी के बाद यह मामला और अधिक चर्चा में आ गया है। हालांकि, जांच अभी जारी है और आरोपों का अंतिम निष्कर्ष न्यायिक एवं जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।






