विश्व पर्यावरण दिवस पर JSPCB की पहल, रांची में निकाली जागरूकता रैली, बांटे पौधे और जूट बैग
पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश, मिशन लाइफ के तहत नागरिकों को अपनाने को कहा पर्यावरण-अनुकूल जीवनशैली
रांची: विश्व पर्यावरण दिवस 2026 के अवसर पर झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (JSPCB) के क्षेत्रीय कार्यालय, रांची द्वारा व्यापक जन-जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का नेतृत्व क्षेत्रीय पदाधिकारी आशुतोष आनंद ने किया, जिसमें बोर्ड के अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ स्थानीय नागरिकों, विद्यार्थियों और सामाजिक संगठनों की भी सक्रिय भागीदारी रही। कार्यक्रम की शुरुआत क्षेत्रीय कार्यालय से निकाली गई प्रभात फेरी के साथ हुई। यह जागरूकता रैली सीटीआई कॉलोनी से प्रभात तारा मैदान होते हुए जेपी मार्केट तक निकाली गई। रैली के दौरान प्रतिभागियों ने पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता, वृक्षारोपण और प्लास्टिक प्रदूषण के खिलाफ लोगों को जागरूक करने वाले संदेश दिए।
‘Climate Action Inspired by Nature’ थी इस वर्ष की थीम
विश्व पर्यावरण दिवस 2026 की थीम “Climate Action Inspired by Nature. For Climate. For Our Future.” के अनुरूप कार्यक्रम में पर्यावरण संरक्षण को लेकर विशेष गतिविधियां आयोजित की गईं। इस दौरान आम नागरिकों के बीच पौधों का वितरण किया गया और उन्हें अधिक से अधिक वृक्षारोपण करने तथा लगाए गए पौधों की देखभाल करने के लिए प्रेरित किया गया। बोर्ड के अधिकारियों ने कहा कि जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने के लिए प्रकृति आधारित समाधान और जनभागीदारी बेहद जरूरी है। ऐसे आयोजनों का उद्देश्य लोगों को पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार बनाना है।

मिशन लाइफ के 75 उपायों की दी गई जानकारी
कार्यक्रम के दौरान नागरिकों को पर्यावरण-अनुकूल जीवनशैली अपनाने के लिए विशेष जागरूकता सामग्री भी वितरित की गई। इसमें भारत सरकार के मिशन LiFE (Lifestyle for Environment) के तहत निर्धारित 7 कोर एक्शन थीम और 75 सरल उपायों की जानकारी दी गई। इन उपायों में ऊर्जा संरक्षण, जल संरक्षण, सिंगल यूज प्लास्टिक का कम उपयोग, सतत खाद्य आदतें, स्वस्थ जीवनशैली अपनाना तथा इलेक्ट्रॉनिक कचरे को कम करने जैसे विषय शामिल थे। अधिकारियों ने लोगों से दैनिक जीवन में छोटे-छोटे बदलाव लाकर पर्यावरण संरक्षण में योगदान देने की अपील की।
जूट बैग बांटकर दिया प्लास्टिक मुक्त जीवन का संदेश
कार्यक्रम के दौरान नागरिकों के बीच पुनः उपयोग योग्य जूट बैग भी वितरित किए गए। इसका उद्देश्य एकल उपयोग वाले प्लास्टिक के विकल्प के रूप में टिकाऊ और पर्यावरण हितैषी उत्पादों को बढ़ावा देना था। झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों ने कहा कि प्लास्टिक प्रदूषण आज पर्यावरण के लिए बड़ी चुनौती बन चुका है और इसके समाधान के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी हैं। जूट बैग जैसे विकल्पों को अपनाकर इस दिशा में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है।

हिंदाल्को ने भी किया सहयोग
कार्यक्रम में हिंदाल्को के प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया और आयोजन को सफल बनाने में सहयोग प्रदान किया। पर्यावरण संरक्षण से जुड़े इस अभियान में विभिन्न सामाजिक संगठनों और स्थानीय लोगों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली।
सामूहिक जिम्मेदारी है पर्यावरण संरक्षण
कार्यक्रम के समापन पर वक्ताओं ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारी संस्थाओं की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति की भागीदारी आवश्यक है। स्वच्छ, हरित और सतत भविष्य के निर्माण के लिए सभी वर्गों को मिलकर कार्य करना होगा। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि प्रकृति और पर्यावरण की रक्षा के लिए जागरूकता, सहभागिता और व्यवहार में बदलाव ही सबसे प्रभावी उपाय हैं।





