LPG सिलेंडर फिर हुआ महंगा, झारखंड में 1000 रुपये के करीब पहुंची कीमत
7 जून से लागू हुए नए रेट, तीन महीने में दूसरी बार बढ़े दाम
रांची: आम लोगों की रसोई का बजट एक बार फिर बिगड़ गया है। 7 जून से घरेलू एलपीजी (LPG) सिलेंडर की कीमतों में 29 रुपये की बढ़ोतरी कर दी गई है। नई दरें लागू होने के बाद झारखंड में 14.2 किलोग्राम वाला घरेलू गैस सिलेंडर अब 999.50 रुपये में मिलेगा। इससे पहले इसकी कीमत 970.50 रुपये थी। यह पिछले तीन महीनों में दूसरी बड़ी बढ़ोतरी है। इससे पहले 7 मार्च को घरेलू सिलेंडर के दामों में 60 रुपये की वृद्धि की गई थी। लगातार बढ़ती कीमतों से आम उपभोक्ताओं पर महंगाई का अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है।
झारखंड में 1000 रुपये के करीब पहुंचा सिलेंडर
नई कीमत लागू होने के बाद झारखंड के अधिकांश जिलों में घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत लगभग 1000 रुपये के आसपास पहुंच गई है। हालांकि स्थानीय कर (टैक्स) और परिवहन लागत के आधार पर विभिन्न जिलों में कीमतों में मामूली अंतर देखने को मिल सकता है।
रांची, जमशेदपुर, धनबाद, बोकारो और अन्य प्रमुख शहरों में उपभोक्ताओं को अब पहले की तुलना में अधिक राशि चुकानी पड़ेगी।
आखिर क्यों बढ़े गैस के दाम?
पेट्रोलियम मंत्रालय के अनुसार अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़ती ऊर्जा कीमतें और मध्य-पूर्व में जारी तनाव इस बढ़ोतरी की प्रमुख वजह हैं। मध्य-पूर्व में भू-राजनीतिक संकट के कारण कच्चे तेल और एलपीजी की वैश्विक आपूर्ति प्रभावित हुई है। इसके चलते अंतरराष्ट्रीय बाजार में ईंधन की कीमतों में तेजी आई है, जिसका असर भारत सहित कई देशों पर पड़ा है। विशेषज्ञों का कहना है कि वैश्विक सप्लाई चेन पर दबाव और परिवहन लागत में वृद्धि के कारण घरेलू बाजार में भी कीमतें बढ़ानी पड़ी हैं।
सरकार ने क्या कहा?
पेट्रोलियम मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने कहा कि कीमत बढ़ने के बावजूद सरकार और सरकारी तेल कंपनियां उपभोक्ताओं पर पूरा बोझ नहीं डाल रही हैं। उनके अनुसार, मौजूदा दरों पर भी सरकारी तेल विपणन कंपनियों को प्रत्येक घरेलू एलपीजी सिलेंडर पर लगभग 700 रुपये का नुकसान उठाना पड़ रहा है। यदि अंतरराष्ट्रीय कीमतों का पूरा असर उपभोक्ताओं पर डाला जाए तो सिलेंडर और महंगा हो सकता है।
उन्होंने कहा कि सरकार आम लोगों को राहत देने के लिए सब्सिडी और मूल्य नियंत्रण के माध्यम से संतुलन बनाए रखने का प्रयास कर रही है।
सप्लाई को लेकर सरकार ने दी राहत
कीमतों में बढ़ोतरी के बीच सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि देश में एलपीजी, पेट्रोल, डीजल और प्राकृतिक गैस की उपलब्धता को लेकर किसी प्रकार की चिंता की जरूरत नहीं है। मंत्रालय के मुताबिक:
- देश के सभी रिफाइनरी प्लांट पूरी क्षमता से काम कर रहे हैं।
- एलपीजी का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है।
- पेट्रोल और डीजल की सप्लाई सामान्य बनी हुई है।
- घरेलू स्तर पर गैस उत्पादन बढ़ाने के प्रयास जारी हैं।
सरकार का दावा है कि आपूर्ति श्रृंखला पूरी तरह सुरक्षित है और किसी प्रकार की कमी की आशंका नहीं है।
कालाबाजारी रोकने के लिए डिजिटल निगरानी
एलपीजी वितरण व्यवस्था को और पारदर्शी बनाने के लिए डिजिटल तकनीकों का इस्तेमाल बढ़ाया जा रहा है। मंत्रालय के अनुसार अब डिलीवरी सत्यापन के लिए DAC कोड जैसी प्रणालियों का उपयोग किया जा रहा है, जिससे फर्जी बुकिंग और कालाबाजारी पर रोक लगाने में मदद मिलेगी।
उपभोक्ताओं पर बढ़ेगा महंगाई का असर
विशेषज्ञों का मानना है कि घरेलू गैस की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी का सीधा असर आम परिवारों के मासिक बजट पर पड़ेगा। खासकर मध्यम वर्ग और निम्न आय वर्ग के परिवारों के लिए रसोई खर्च बढ़ना एक बड़ी चुनौती बन सकता है। फिलहाल सरकार ने संकेत दिया है कि वैश्विक बाजार की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। आने वाले दिनों में अंतरराष्ट्रीय कीमतों और सप्लाई की स्थिति के आधार पर आगे के फैसले लिए जाएंगे।






