अबुआ आवास योजना में भ्रष्टाचार का बोलबाला, देवघर में गरीबों के पक्के घर का सपना टूटा

Abua Awas Yojana

देवघर: झारखंड सरकार की महत्वाकांक्षी अबुआ आवास योजना, जो हर गरीब परिवार को पक्के घर का सपना दिखाती है, आज भ्रष्टाचार और वसूली के दलदल में धंसती नजर आ रही है। संथाल परगना का देवघर जिला, इस योजना की हकीकत का आईना बन गया है — जहां गरीबों से पक्के मकान देने का वादा तो किया गया, मगर ज़मीनी हकीकत में मिला केवल धोखा, उगाही और लापरवाही।

ग्रामीणों का आरोप — मकान के नाम पर पैसे लिए, लेकिन नींव तक नहीं खुदी
देवघर के सारठ प्रखंड के शिमला पंचायत की ग्रामीण महिलाओं ने योजना में घोटाले का खुलासा किया है। नरेशा बीबी और नूरजहां ने बताया —

“मुखिया के प्रतिनिधि ने कहा कि पक्का घर दिला देंगे, लेकिन पहले कुछ हजार रुपये देने होंगे। हमने पैसे दिए, लेकिन न ईंट आई, न नींव खुदी। बस वादे हवा में रह गए।”

ग्रामीणों का आरोप है कि अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने योजना की रकम मंजूर कराने के नाम पर हजारों रुपये की वसूली की। लेकिन महीनों गुजर जाने के बाद भी निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ।

munadi live whattsapp banne.jpg

अबुआ आवास के नाम पर भरोसे के महल खड़े सारठ की ही मुन्नी बीबी और केली बीबी विधवा हैं। वे बताती हैं —

resizone elanza

Telegram channel

“हमारा घर मिट्टी का है, रात को डर लगता है कि दीवार गिर न जाए। सरकार ने कहा था अबुआ आवास मिलेगा, लेकिन सिर्फ कागजों पर नाम आया, घर नहीं।”

दोनों महिलाओं की स्थिति बताती है कि योजना के नाम पर केवल भरोसे की दीवारें खड़ी की गईं, जिनकी नींव में भ्रष्टाचार की ईंटें रखी गईं।

देवघर ही नहीं, कई प्रखंडों में फैला है भ्रष्टाचार का जाल
यह मामला केवल सारठ तक सीमित नहीं है। सोनारायठाड़ी, सारवां, मार्गोमुंडा और पलाजोरी जैसे प्रखंडों से भी इसी तरह की शिकायतें मिल रही हैं। ग्रामीणों का कहना है कि कुछ स्थानीय रसूखदार और दलाल योजना का ठेका अपने हाथ में लेकर गरीबों से ‘सुविधा शुल्क’ के नाम पर मोटी रकम ऐंठ रहे हैं।

प्रशासन ने लिया संज्ञान, जांच के आदेश जारी
इस मुद्दे पर देवघर के उप विकास आयुक्त पीयूष सिन्हा ने कहा —

“हमें ग्रामीणों से कई शिकायतें मिली हैं। संबंधित प्रखंड अधिकारियों से जवाब मांगा गया है। जांच के आदेश दिए गए हैं, और अगर किसी स्तर पर अनियमितता पाई जाती है, तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।”

गरीबों की उम्मीदों पर भ्रष्टाचार की मार
अबुआ आवास योजना का उद्देश्य था — हर गरीब को पक्की छत, सुरक्षित आवास और गरिमापूर्ण जीवन देना। लेकिन जमीन पर तस्वीर कुछ और ही है। देवघर समेत संथाल परगना के कई हिस्सों में लोग अब भी कच्चे मकानों में रह रहे हैं, जबकि सरकारी रिकॉर्ड में उन्हें “लाभुक” दिखाया जा रहा है।

सपनों के घर की दीवारों में दरारें
देवघर की यह कहानी झारखंड के उन हजारों परिवारों की कहानी है, जो अबुआ आवास योजना में भरोसे का निवेश कर चुके हैं, लेकिन उन्हें ईंट की जगह भ्रष्टाचार की चुप्पी मिली।

अब बड़ा सवाल यह है कि — क्या सरकार इस घोटाले पर कड़ा कदम उठाएगी या यह योजना भी सिर्फ राजनीतिक विज्ञापन बनकर रह जाएगी?

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *