चेक बाउंस मामले में सजायाफ्ता सुरेंद्र राम गिरफ्तार, डोमचांच पुलिस ने भेजा कोडरमा जेल
चेक बाउंस मामले में सजायाफ्ता आरोपी सुरेंद्र राम गिरफ्तार
झुमरीतिलैया : चेक बाउंस (Cheque Bounce) मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए डोमचांच थाना प्रभारी अभिमन्यु पड़िहारी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने सजायाफ्ता आरोपी सुरेंद्र कुमार राम (पिता – नारायण राम) को शनिवार को गिरफ्तार कर कोडरमा जेल भेज दिया।
पुलिस टीम में एसआई रामजीत मुंडा सहित डोमचांच थाना के अन्य जवान शामिल थे। बताया गया कि आरोपी के खिलाफ न्यायालय से वारंट जारी होने के बाद पुलिस ने यह गिरफ्तारी की।
न्यायालय ने दोषी पाते हुए सुनाई थी सजा
मामला परिवाद पत्र संख्या 1387/2018 से जुड़ा है। इस केस की सुनवाई न्यायालय सुश्री शिवांगी प्रिया (Judicial Magistrate First Class) के न्यायालय में हुई थी। अदालत ने आरोपी सुरेंद्र कुमार राम को दोषी पाते हुए—
- ₹2,10,000 के चेक का भुगतान परिवादी संजय कुमार को करने का आदेश
- ₹15,000 जुर्माना
- भुगतान न करने की स्थिति में 6 माह का कारावास सुनाया था। साथ ही कोर्ट ने निर्देश दिया था कि आरोपी 45 दिनों के भीतर ₹2,25,000 परिवादी को भुगतान करे। आदेश के अनुसार कारावास और जुर्माना दोनों सजा साथ-साथ चलेंगे।
अपील के बाद भी नहीं मिली राहत, वारंट पर गिरफ्तारी
जानकारी के अनुसार आरोपी ने सजा के खिलाफ डिस्ट्रिक्ट जज न्यायालय में अपील की थी, लेकिन वहां से भी उसे कोई राहत नहीं मिली। इसके बाद न्यायालय द्वारा वारंट निर्गत किया गया, जिसके आधार पर डोमचांच थाना की टीम ने शनिवार को उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं ने रखी दलीलें
मामले में बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता सुधीर सिंह ने दलीलें पेश कीं। वहीं परिवादी पक्ष की ओर से अधिवक्ता कुमार रोशन ने न्यायालय के समक्ष सबूत और तर्क प्रस्तुत किए। अदालत ने सभी साक्ष्यों और दलीलों से सहमत होते हुए आरोपी को दोषी ठहराया और सजा सुनाई।
अधिवक्ता का बयान: न्यायालय पर भरोसा बढ़ा
अधिवक्ता कुमार रोशन ने कहा कि—
“इस प्रकार की सजा से न्यायालय के प्रति लोगों का विश्वास बढ़ता है। चेक देकर आम लोगों को ठगने वाले लोगों पर लगाम कसने में यह फैसला मील का पत्थर साबित होगा।”
उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे फैसले समाज में साफ संदेश देते हैं कि आर्थिक धोखाधड़ी करने वालों को कानून के अनुसार सख्त सजा मिलेगी।
इस गिरफ्तारी और सजा को प्रशासनिक एवं न्यायिक व्यवस्था की सख्ती के रूप में देखा जा रहा है। चेक बाउंस जैसे मामलों में लगातार हो रही कार्रवाई से लोगों में यह भरोसा मजबूत हो रहा है कि *धोखाधड़ी करने वालों के खिलाफ कानून प्रभावी ढंग से कार्रवाई कर रहा है।






