कोडरमा में सनसनी: बिरहोर टोला से एक साथ 10 बच्चे लापता, पुलिस अलर्ट
कोडरमा: कोडरमा जिले के जयनगर प्रखंड अंतर्गत खरियोडीह पंचायत के गड़ीयाई बिरहोर टोला से एक साथ 10 बच्चों के लापता होने का मामला सामने आया है। इस घटना से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
कैसे हुए बच्चे लापता?
मुखिया राजेंद्र यादव के अनुसार, 1 फरवरी की रात गड़ीयाई बिरहोर टोला के ग्रामीण परसाबाद में एक श्राद्धकर्म के भोज में शामिल होने गए थे। जब देर रात लोग अपने घर लौटे, तो पता चला कि बच्चे उनके साथ नहीं हैं।
अगले दिन परिजनों ने बच्चों की तलाश शुरू की, लेकिन जब कहीं कोई सुराग नहीं मिला, तब इसकी सूचना मुखिया को दी गई। मुखिया ने तत्काल जयनगर थाना प्रभारी उमानाथ सिंह को इसकी जानकारी दी।
शुरुआत में पुलिस की लापरवाही का आरोप
मुखिया राजेंद्र यादव का आरोप है कि शुरुआत में जयनगर पुलिस ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया और बच्चों की तलाश का जिम्मा ग्रामीणों पर ही छोड़ दिया गया। इसके बाद मुखिया और ग्रामीणों ने अपने स्तर पर काफी खोजबीन की, लेकिन बच्चों का कोई पता नहीं चला।
प्रशासन हरकत में आया
बच्चों का सुराग नहीं मिलने पर मुखिया ने जयनगर बीडीओ गौतम कुमार को मामले की जानकारी दी। इसके बाद यह मामला जिले के वरीय अधिकारियों तक पहुंचा। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशिक्षु डीएसपी दिवाकर कुमार, तिलैया थाना प्रभारी विनय कुमार और चंदवारा थाना प्रभारी शशिभूषण कुमार गांव पहुंचे और पीड़ित परिवारों से मुलाकात की।
गलत ट्रेन रूट पकड़ने की आशंका
प्रशिक्षु डीएसपी दिवाकर कुमार ने बताया कि प्रारंभिक पूछताछ में जानकारी मिली है कि बच्चे परसाबाद से ट्रेन पकड़कर यदुडीह हॉल्ट उतरकर घर लौटते थे। आशंका जताई जा रही है कि बच्चों ने गलती से उल्टे रूट की ट्रेन पकड़ ली हो, जिससे वे धनबाद की ओर चले गए हों।
उन्होंने बताया कि परसाबाद स्टेशन और आसपास के स्टेशनों के सीसीटीवी फुटेज मंगवाए जा रहे हैं, साथ ही रेलवे और स्थानीय पुलिस की मदद से बच्चों की तलाश तेज कर दी गई है।
तलाश अभियान जारी
फिलहाल पुलिस आसपास के इलाकों, रेलवे स्टेशनों और संभावित ठिकानों पर बच्चों की खोजबीन कर रही है। प्रशासन का दावा है कि जल्द ही बच्चों को सुरक्षित ढूंढ लिया जाएगा। इस घटना ने एक बार फिर आदिवासी और बिरहोर समुदाय की सुरक्षा और प्रशासनिक संवेदनशीलता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।






