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राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग की चर्चा पर बोले संजय यादव, “लालू के सिपाही कभी गद्दारी नहीं करते”

Sanjay Prasad Yadav

नामांकन के अंतिम दिन विधानसभा परिसर में बढ़ी हलचल, महागठबंधन की जीत का किया दावा

रांची: झारखंड में राज्यसभा चुनाव को लेकर सियासी गतिविधियां अपने चरम पर पहुंच गई हैं। नामांकन के अंतिम दिन सोमवार को झारखंड विधानसभा परिसर में नेताओं, विधायकों और मंत्रियों की आवाजाही लगातार जारी रही। इस बीच क्रॉस वोटिंग की अटकलों पर राजद कोटे से मंत्री संजय प्रसाद यादव ने बड़ा बयान देकर राजनीतिक चर्चा को और तेज कर दिया। मीडिया से बातचीत में संजय प्रसाद यादव ने साफ कहा कि “लालू जी के सिपाही कभी गद्दारी नहीं करते, बाकी लोगों से यह सवाल पूछिए।” उन्होंने विश्वास जताया कि इंडिया गठबंधन के दोनों उम्मीदवार राज्यसभा चुनाव में जीत हासिल कर संसद पहुंचेंगे।

क्रॉस वोटिंग की चर्चाओं के बीच आया बयान
राज्यसभा चुनाव को लेकर पिछले कुछ दिनों से राजनीतिक गलियारों में क्रॉस वोटिंग की संभावनाओं को लेकर चर्चाएं चल रही हैं। खासकर तब से जब विभिन्न दलों के बीच सीटों को लेकर बातचीत और रणनीति की खबरें सामने आई थीं। इन्हीं अटकलों के बीच संजय प्रसाद यादव का बयान महागठबंधन की एकजुटता का संदेश देने वाला माना जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट संकेत दिया कि राजद विधायक गठबंधन के साथ मजबूती से खड़े हैं।

विधानसभा परिसर में बढ़ी राजनीतिक सक्रियता
राज्यसभा चुनाव के नामांकन के अंतिम दिन विधानसभा परिसर में राजनीतिक हलचल काफी तेज रही। विभिन्न दलों के नेता और विधायक लगातार पहुंचते रहे। महागठबंधन और भाजपा दोनों ही अपने-अपने उम्मीदवारों की जीत सुनिश्चित करने के लिए रणनीति बनाने में जुटे हुए हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब सभी दलों का फोकस विधायकों की एकजुटता बनाए रखने और चुनावी गणित को साधने पर रहेगा।

महागठबंधन की जीत का दावा
संजय प्रसाद यादव ने कहा कि इंडिया गठबंधन पूरी तरह एकजुट है और दोनों उम्मीदवारों की जीत सुनिश्चित है। उन्होंने भरोसा जताया कि महागठबंधन के विधायक पूरी मजबूती के साथ गठबंधन प्रत्याशियों के समर्थन में मतदान करेंगे। उनके बयान को राज्यसभा चुनाव से पहले गठबंधन की ओर से एक राजनीतिक संदेश के रूप में भी देखा जा रहा है।

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चुनावी समीकरणों पर टिकी निगाहें
नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के साथ अब झारखंड की राजनीति में राज्यसभा चुनाव को लेकर उत्सुकता और बढ़ गई है। सभी राजनीतिक दल अपने-अपने दावे कर रहे हैं, लेकिन असली तस्वीर मतदान के दिन ही साफ होगी। फिलहाल विधानसभा परिसर में बढ़ी सक्रियता और नेताओं के बयानों ने राज्यसभा चुनाव को और दिलचस्प बना दिया है। राजनीतिक पर्यवेक्षकों की नजर अब आगामी चुनावी रणनीतियों और संभावित समीकरणों पर टिकी हुई है।

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