JPSC जांच में बड़ा एक्शन: पूर्व अध्यक्ष गंगोत्री कुजूर के कार्यालय और सरकारी आवास पर CID की छापेमारी, डिजिटल साक्ष्य जब्त
रांची: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) द्वारा आयोजित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की जांच कर रही अपराध अनुसंधान विभाग (CID) ने मामले में बड़ी कार्रवाई की है। 23 जुलाई 2026 की देर रात जारी आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, सीआईडी ने रांची पुलिस के सहयोग से JPSC की पूर्व अध्यक्ष गंगोत्री कुजूर के कार्यालय कक्ष, सरकारी आवास और अन्य संबंधित स्थानों पर छापेमारी की।इस दौरान जांच टीम ने डिजिटल उपकरणों और महत्वपूर्ण अभिलेखीय दस्तावेजों को बरामद कर विधिवत जब्त किया है। अब इन साक्ष्यों की तकनीकी और दस्तावेजी जांच की जाएगी।
पूर्व अध्यक्ष के कार्यालय और सरकारी आवास में तलाशी
CID की प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक, अनुसंधान के क्रम में गंगोत्री कुजूर के जेपीएससी कार्यालय कक्ष, सरकारी आवास और अन्य संभावित स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया गया। छापेमारी के दौरान जांच से जुड़े कई डिजिटल साक्ष्य, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए गए, जिन्हें जब्त कर फॉरेंसिक और तकनीकी जांच के लिए सुरक्षित रखा गया है।
22 जुलाई को दर्ज हुआ था मामला
प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, JPSC द्वारा आयोजित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के संबंध में CID थाना कांड संख्या 16/2026 दिनांक 22 जुलाई 2026 को दर्ज किया गया था। इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराएं—
- 316(2)
- 316(5)
- 318(2)
- 338
- 336(3)
- 340(2)
- 61(2)
के साथ-साथ झारखंड संगठित अपराध रोकथाम एवं नियंत्रण उपाय अधिनियम, 2023 की धारा 12(2) और 12(3) के तहत भी प्राथमिकी दर्ज की गई है।
डिजिटल और दस्तावेजी साक्ष्यों की होगी जांच
सीआईडी ने बताया कि जब्त किए गए डिजिटल उपकरणों और दस्तावेजों की अब विशेषज्ञों द्वारा तकनीकी जांच की जाएगी। जांच एजेंसी यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं से जुड़े कौन-कौन से तथ्य इन साक्ष्यों से सामने आते हैं। जांच के दौरान प्राप्त डिजिटल रिकॉर्ड, आधिकारिक फाइलें और अन्य दस्तावेजों का मिलान पहले से उपलब्ध साक्ष्यों के साथ किया जाएगा।
जांच अभी जारी, आगे होगी कानूनी कार्रवाई
सीआईडी ने अपनी प्रेस विज्ञप्ति में स्पष्ट किया है कि मामले की जांच अभी जारी है। एजेंसी ने कहा है कि अनुसंधान के दौरान जो भी तथ्य और साक्ष्य सामने आएंगे, उनके आधार पर कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। जांच एजेंसी का कहना है कि यदि किसी व्यक्ति की भूमिका साक्ष्यों के आधार पर सामने आती है, तो उसके खिलाफ विधि सम्मत कार्रवाई की जाएगी।
JPSC जांच का दायरा लगातार बढ़ रहा
गौरतलब है कि JPSC से जुड़े कथित अनियमितताओं के मामले में CID लगातार कार्रवाई कर रही है। हाल के दिनों में आयोग के कई अधिकारियों और कर्मचारियों से पूछताछ, छापेमारी और दस्तावेजों की जांच की जा चुकी है। अब पूर्व अध्यक्ष गंगोत्री कुजूर के कार्यालय और सरकारी आवास पर हुई छापेमारी से यह संकेत मिल रहा है कि जांच एजेंसी मामले की हर कड़ी को विस्तार से खंगाल रही है।
हालांकि, CID की प्रेस विज्ञप्ति में गंगोत्री कुजूर को दोषी घोषित नहीं किया गया है। एजेंसी ने केवल जांच के तहत की गई कार्रवाई की जानकारी साझा की है। मामले में अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने और कानूनी प्रक्रिया के बाद ही सामने आएंगे।






