अज़ीम प्रेमजी विश्वविद्यालय में नेतृत्व विकास स्नातकोत्तर डिप्लोमा के लिए आवेदन शुरू
सामाजिक क्षेत्र के पेशेवरों को बेहतर नेतृत्व कौशल विकसित करने का मिलेगा अवसर, 11 अक्टूबर तक कर सकते हैं आवेदन
रांची: अज़ीम प्रेमजी विश्वविद्यालय ने वर्ष 2027 के लिए अपने प्रतिष्ठित ‘नेतृत्व विकास में स्नातकोत्तर डिप्लोमा’ (Post Graduate Diploma in Leadership Development) कार्यक्रम में प्रवेश प्रक्रिया शुरू कर दी है। यह 11 माह का पार्ट-टाइम प्रोग्राम विशेष रूप से सामाजिक क्षेत्र में कार्यरत मध्य और वरिष्ठ स्तर के पेशेवरों के लिए तैयार किया गया है, ताकि वे अपने व्यावहारिक अनुभव को प्रभावी नेतृत्व क्षमता के साथ और अधिक मजबूत बना सकें। विश्वविद्यालय द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, इस कार्यक्रम के लिए आवेदन करने की अंतिम तिथि 11 अक्टूबर 2026 निर्धारित की गई है, जबकि कक्षाओं का संचालन जनवरी 2027 के पहले सप्ताह से शुरू होगा।
नौकरी या सामाजिक कार्य के साथ कर सकेंगे पढ़ाई
इस कार्यक्रम की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि प्रतिभागी अपनी मौजूदा नौकरी, सामाजिक कार्य या पेशेवर जिम्मेदारियों को जारी रखते हुए भी इस कोर्स में अध्ययन कर सकते हैं। इसे विशेष रूप से उन पेशेवरों की जरूरतों को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है, जो अपने कार्यक्षेत्र में नेतृत्व की भूमिका निभा रहे हैं या भविष्य में नेतृत्व की जिम्मेदारी संभालना चाहते हैं।
नेतृत्व और प्रबंधन से जुड़े विषयों पर मिलेगा प्रशिक्षण
प्रोग्राम के दौरान प्रतिभागियों को विकास संबंधी मुद्दों, संगठनात्मक संस्कृति, नेतृत्व कौशल, वित्तीय प्रबंधन, प्रभावी संवाद, निर्णय क्षमता और आंकड़ों के विश्लेषण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके माध्यम से प्रतिभागियों को सामाजिक विकास के क्षेत्र में आने वाली चुनौतियों को बेहतर ढंग से समझने और समाधान विकसित करने की क्षमता हासिल होगी।
सामाजिक क्षेत्र के लिए उपयोगी कार्यक्रम
अज़ीम प्रेमजी विश्वविद्यालय की स्कूल ऑफ डेवलपमेंट की निदेशक अरिमा मिश्रा ने कहा कि यह कार्यक्रम सामाजिक क्षेत्र में कार्यरत पेशेवरों को व्यापक दृष्टिकोण विकसित करने और अपने नेतृत्व कौशल को मजबूत करने का अवसर प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में विकास क्षेत्र में ऐसे नेतृत्व की आवश्यकता है जो जमीनी वास्तविकताओं को समझते हुए प्रभावी बदलाव ला सके। विश्वविद्यालय के अनुसार यह कार्यक्रम समाज, शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका, ग्रामीण विकास, सामुदायिक विकास और अन्य सामाजिक क्षेत्रों में कार्यरत लोगों के लिए विशेष रूप से लाभकारी साबित होगा।
नेतृत्व क्षमता बढ़ाने का अवसर
विशेषज्ञों का मानना है कि सामाजिक क्षेत्र में कार्यरत पेशेवरों के लिए नेतृत्व कौशल उतना ही महत्वपूर्ण है जितना कि तकनीकी और विषयगत ज्ञान। ऐसे में यह डिप्लोमा कार्यक्रम न केवल प्रतिभागियों की पेशेवर क्षमता को बढ़ाएगा, बल्कि उन्हें समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए अधिक सक्षम भी बनाएगा। विश्वविद्यालय ने इच्छुक उम्मीदवारों से समय रहते आवेदन प्रक्रिया पूरी करने की अपील की है ताकि वे इस अवसर का लाभ उठा सकें।




