तमिलनाडु में विजय की शपथ पर सस्पेंस
बहुमत से पीछे TVK, कांग्रेस ने राज्यपाल और BJP पर उठाए सवाल
चेन्नई/कोलकाता: तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल की राजनीति इस समय बेहद गर्म हो चुकी है। एक तरफ तमिलनाडु में विजय की पार्टी टीवीके (TVK) सरकार बनाने की कोशिशों में जुटी है, तो दूसरी ओर पश्चिम बंगाल में भाजपा सरकार के शपथग्रहण की तैयारियां तेज हो गई हैं। तमिलनाडु में हालांकि विजय के मुख्यमंत्री पद की शपथ को लेकर अब सस्पेंस बढ़ता दिखाई दे रहा है। वजह यह है कि सरकार बनाने के लिए 118 विधायकों का समर्थन जरूरी है, जबकि TVK के पास फिलहाल 113 विधायकों का समर्थन बताया जा रहा है।
बहुमत के आंकड़े से पीछे TVK
234 सदस्यीय तमिलनाडु विधानसभा में बहुमत के लिए 118 सीटों की जरूरत है। चुनाव में तमिलगा वेत्री कड़गम ने 108 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरने में सफलता हासिल की। इसके बाद कांग्रेस के 5 विधायकों ने विजय को समर्थन देने की घोषणा की। लेकिन इसके बावजूद पार्टी बहुमत के आंकड़े से अभी भी पांच सीट दूर है। ऐसे में सरकार गठन को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।
कांग्रेस नेता ज्योतिमणि ने उठाए सवाल
कांग्रेस नेता सेन्नीमलाई ज्योतिमणि ने राज्यपाल की भूमिका पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि विजय को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित नहीं किया जा रहा है, जो लोकतांत्रिक परंपराओं के खिलाफ है। ज्योतिमणि ने भाजपा पर “लोक भवन के माध्यम से राजनीति” करने का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार गठन की असली प्रक्रिया विधानसभा में होती है, न कि किसी राजनीतिक दबाव के जरिए।
सुप्रीम कोर्ट के फैसलों का दिया हवाला
कांग्रेस नेता ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के कई फैसले साफ कर चुके हैं कि बहुमत साबित करने का मंच केवल विधानसभा है। उन्होंने कहा कि जनता ने अपना जनादेश दे दिया है और सबसे बड़ी पार्टी के नेता विजय को सरकार बनाने का अवसर मिलना चाहिए। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि राज्यपाल जल्द फैसला नहीं लेते हैं, तो तमिलनाडु में संवैधानिक बहस और तेज हो सकती है।
समर्थन जुटाने में लगी TVK
सूत्रों के अनुसार TVK अब अन्य छोटे दलों और निर्दलीय विधायकों से संपर्क साध रही है। पार्टी को उम्मीद है कि जल्द ही जरूरी समर्थन जुटाकर बहुमत का आंकड़ा पार कर लिया जाएगा। इस बीच विजय समर्थकों के बीच मुख्यमंत्री पद की शपथ को लेकर उत्साह बना हुआ है, लेकिन आधिकारिक स्थिति अभी स्पष्ट नहीं हुई है।
बंगाल में 9 मई को भाजपा सरकार का शपथग्रहण
दूसरी ओर पश्चिम बंगाल में भाजपा ने सरकार गठन की तैयारियां लगभग पूरी कर ली हैं। भाजपा की राज्य इकाई ने घोषणा की है कि 9 मई को कोलकाता के ब्रिगेड परेड ग्राउंड में नई सरकार का शपथग्रहण समारोह आयोजित होगा।
बंगाल में बदला राजनीतिक समीकरण
भाजपा ने इस चुनाव में ऐतिहासिक जीत दर्ज करते हुए तृणमूल कांग्रेस के 15 साल पुराने शासन को खत्म कर दिया। इसके बाद राज्य की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। भाजपा नेतृत्व अब मुख्यमंत्री चेहरे और कैबिनेट गठन को अंतिम रूप देने में जुटा हुआ है।
दोनों राज्यों पर देशभर की नजर
तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में बन रहे नए राजनीतिक समीकरणों पर पूरे देश की नजरें टिकी हुई हैं। एक ओर विजय की राजनीतिक पारी मुख्यमंत्री पद तक पहुंचने की कोशिश में है, तो दूसरी ओर बंगाल में भाजपा पहली बार पूर्ण रूप से सत्ता संभालने जा रही है।






