बैंक से निकले तो सावधान! 100 में 80 झपटमारी कोढ़ा गैंग करता है

Bank Snatching

बैंक से निकले लोग क्यों बनते हैं आसान शिकार

Ranchi : राजधानी रांची सहित झारखंड के कई जिलों में बैंक या ज्वेलरी शॉप से लौटते वक्त झपटमारी की घटनाएं आम हो चुकी हैं। लेकिन चौंकाने वाली बात यह है कि पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक हर 100 में से 80 झपटमारी की घटनाओं को बिहार के कटिहार जिले का कुख्यात कोढ़ा गैंग अंजाम देता है। हाल ही में रांची में एक महिला से करीब 60 लाख रुपये के गहनों की झपटमारी के बाद एक बार फिर यह गैंग सुर्खियों में है। हालांकि रांची पुलिस की त्वरित कार्रवाई से गहने बरामद कर लिए गए, लेकिन गिरोह के सदस्य हाथ नहीं लगे।

कटिहार के कोढ़ा से चलता है अपराध का नेटवर्क
कोढ़ा गैंग बिहार के कटिहार जिले के कोढ़ा इलाके से संचालित होता है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार इस इलाके के करीब दर्जन भर परिवार पीढ़ियों से झपटमारी और लूटपाट को ही पेशा बनाए हुए हैं। गिरोह का सरगना राकेश ग्वाला बताया जाता है, जो अक्सर पश्चिम बंगाल में रहकर पूरे नेटवर्क को ऑपरेट करता है।

हाई-स्पीड बाइक, बिना हथियार – यही है गैंग की ताकत
कोढ़ा गैंग की सबसे बड़ी खासियत है कि ये बिना किसी हथियार के, सिर्फ हाई-स्पीड बाइक के दम पर वारदात को अंजाम देते हैं। बैंक, एटीएम और ज्वेलरी शॉप के बाहर रेकी कर यह तय किया जाता है कि कौन आसान टारगेट है। जैसे ही शिकार घर लौटने के लिए निकलता है, गैंग के सदस्य पीछा करते हैं और मौका मिलते ही झपट्टा मारकर फरार हो जाते हैं।

OLX से नंबर प्लेट, राज्यों के बीच बेरोकटोक सफर
पुलिस जांच में सामने आया है कि कोढ़ा गैंग ट्रेन या बस का इस्तेमाल नहीं करता। ये बिहार, झारखंड, ओडिशा और बंगाल के बीच सिर्फ बाइक से सफर करते हैं। घटना के बाद ये शहर छोड़ देते हैं और OLX से किसी दूसरी बाइक का नंबर निकालकर अपनी बाइक में लगा लेते हैं, जिससे पहचान मुश्किल हो जाती है।

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महिलाएं निभाती हैं अहम भूमिका
इस गिरोह में महिलाओं की भूमिका भी बेहद अहम है। झपटमारी के बाद लूटा गया जेवर और कैश महिलाओं को सौंप दिया जाता है, जो सीधे गांव पहुंच जाती हैं। पुलिस के मुताबिक जेवरात की बिक्री और पैसों के बंटवारे में महिलाओं को अलग हिस्सा मिलता है। यही वजह है कि अपराध के बाद पुरुष सदस्य महीनों तक गांव नहीं लौटते।

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पूरे गांव का जुड़ाव, गिरफ्तारी क्यों है मुश्किल
रांची पुलिस के अनुसार कोढ़ा इलाके के एक गांव की आबादी करीब 3000 है और इनमें से बड़ी संख्या में लोग इस नेटवर्क से जुड़े हैं। गिरोह चार-चार के समूह में अलग-अलग राज्यों में फैल जाता है। लूट का माल गांव पहुंच जाता है, लेकिन अपराधी नहीं। यही वजह है कि गिरफ्तारी का प्रतिशत बेहद कम है।

झारखंड में कई जिलों में एक्टिव
रांची, बोकारो, जमशेदपुर, धनबाद, गिरिडीह जैसे जिलों में कोढ़ा गैंग की सक्रियता दर्ज की गई है। हालिया मामले में राजकुमार यादव नाम के अपराधी की भूमिका सामने आई है, जिसकी तलाश जारी है। सिटी एसपी पारस राणा के मुताबिक कोढ़ा गैंग के कई गुट सक्रिय हैं और सभी पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है।

पुलिस की अपील: ऐसे बचें झपटमारी से
पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि बैंक से पैसे निकालते वक्त या गहने खरीदकर लौटते समय यदि कोई संदिग्ध व्यक्ति आसपास नजर आए, तो तुरंत डायल 112 या नजदीकी थाना को सूचना दें।

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