भवानीपुर में ममता बनर्जी के खिलाफ उतरेंगे सुवेंदु अधिकारी, BJP का बड़ा दांव
कोलकाता: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने अपनी पहली उम्मीदवार सूची जारी कर दी है। पार्टी ने 144 उम्मीदवारों के नामों का ऐलान किया है, जिसमें कई अहम सीटों पर बड़े राजनीतिक दांव लगाए गए हैं।
सबसे ज्यादा चर्चा भवानीपुर सीट को लेकर हो रही है, जहां बीजेपी ने नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ चुनाव मैदान में उतारने का फैसला किया है।
ममता बनर्जी की सीट पर बीजेपी का बड़ा दांव
भवानीपुर सीट फिलहाल ममता बनर्जी की सीट है और वह यहां से विधायक हैं। बीजेपी ने इसी सीट से सुवेंदु अधिकारी को उतारकर सीधा मुकाबला खड़ा कर दिया है।
गौरतलब है कि 2021 के विधानसभा चुनाव में सुवेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम सीट से ममता बनर्जी को हराया था। उस चुनाव में उन्होंने ममता बनर्जी को 1956 वोटों से शिकस्त दी थी, जो बंगाल की राजनीति की सबसे चर्चित लड़ाइयों में से एक रही।
नंदीग्राम हार के बाद भवानीपुर से लौटी थीं ममता
पिछले विधानसभा चुनाव में नंदीग्राम से हारने के बाद ममता बनर्जी को विधानसभा में आने के लिए भवानीपुर सीट से उपचुनाव लड़ना पड़ा था। उस समय टीएमसी विधायक सोवनदेब चट्टोपाध्याय ने सीट छोड़ दी थी, जिसके बाद उपचुनाव जीतकर ममता बनर्जी विधानसभा पहुंची थीं।
अब बीजेपी ने उसी भवानीपुर सीट से सुवेंदु अधिकारी को उतारकर एक बार फिर राजनीतिक मुकाबले को दिलचस्प बना दिया है।
बीजेपी की पहली सूची में ये नाम शामिल
बीजेपी की पहली सूची में कई अन्य उम्मीदवारों के नाम भी शामिल हैं, जिनमें प्रमुख रूप से:
कूचबिहार उत्तर (SC) – सुकुमार रॉय
सितलकुची (SC) – सावित्री बर्मन
दिनहाटा – अजय रॉय
तुफानगंज – मालती रावा रॉय
कुमारग्राम (ST) – मनोज कुमार उरांव
कालचिनी (ST) – बिशाल लामा
अलीपुरद्वार – परितोष दास
फालाकाटा (SC) – दीपक बर्मन
डाबग्राम-फुलबाड़ी – शिखा चटर्जी
नागराकाटा (ST) – पुना भेंगरा
दो चरणों में होंगे चुनाव
चुनाव आयोग के अनुसार पश्चिम बंगाल की 294 विधानसभा सीटों पर दो चरणों में मतदान होगा।
पहला चरण: 23 अप्रैल 2026
दूसरा चरण: 29 अप्रैल 2026
वहीं मतगणना 4 मई 2026 को होगी।
भवानीपुर बनी हॉट सीट
भवानीपुर सीट इस बार फिर से राज्य की सबसे चर्चित सीट बन गई है। रिपोर्ट के अनुसार SIR प्रक्रिया के दौरान करीब 47 हजार मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं, जबकि करीब 14,154 नाम अभी विचाराधीन हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सुवेंदु अधिकारी को भवानीपुर से उतारकर बीजेपी ने बंगाल की राजनीति में मुकाबले को और तेज कर दिया है।






