श्रावणी मेला 2026: बाबा बैद्यनाथ धाम की सुरक्षा के लिए अभूतपूर्व इंतजाम, 40 DSP, 21 मेला ओपी और 13 ट्रैफिक ओपी तैनात
देवघर: विश्व प्रसिद्ध राजकीय श्रावणी मेला-2026 के सफल और सुरक्षित आयोजन को लेकर झारखंड पुलिस ने व्यापक सुरक्षा और यातायात प्रबंधन की तैयारी पूरी कर ली है। हर वर्ष लाखों श्रद्धालु भगवान बाबा बैद्यनाथ का जलाभिषेक करने देवघर पहुंचते हैं। इस बार भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को पहले से अधिक मजबूत बनाया है। श्रद्धालुओं के सुगम जलार्पण, चुस्त-दुरुस्त कानून व्यवस्था और निर्बाध यातायात संचालन को सुनिश्चित करने के लिए पूरे मेला क्षेत्र को 21 अस्थायी मेला ओपी और 13 अस्थायी यातायात ओपी में विभाजित किया गया है। इसके अलावा प्रमुख स्थलों पर विशेष सुरक्षा व्यवस्था भी लागू की गई है।
सुरक्षा व्यवस्था का व्यापक खाका
श्रावणी मेला के दौरान किसी भी अप्रिय घटना को रोकने और भीड़ प्रबंधन को प्रभावी बनाने के लिए पुलिस मुख्यालय ने बहुस्तरीय सुरक्षा योजना तैयार की है। इसके तहत पूरे मेला क्षेत्र में पुलिस अधिकारियों, जवानों और विशेष सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है।
सुरक्षा व्यवस्था के प्रमुख बिंदु इस प्रकार हैं—
- 21 अस्थायी मेला ओपी स्थापित किए गए हैं।
- 13 अस्थायी यातायात ओपी बनाए गए हैं।
- 40 डीएसपी स्तर के अधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की गई है।
- 3 इंस्पेक्टर स्तर के अधिकारियों को विशेष जिम्मेदारी दी गई है।
- कंट्रोल रूम, उमा भवन, बाबा मंदिर के प्रवेश एवं निकास द्वार तथा स्पेशल क्यूआरटी (Quick Response Team) सहित 9 महत्वपूर्ण केंद्रों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात रहेगा।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूरे मेला क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था पर 24 घंटे निगरानी रखी जाएगी, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
भीड़ और ट्रैफिक प्रबंधन पर विशेष फोकस
श्रावणी मेले के दौरान देवघर में प्रतिदिन लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना रहती है। इसे देखते हुए इस वर्ष यातायात व्यवस्था को भी विशेष रूप से मजबूत किया गया है। 13 अस्थायी ट्रैफिक ओपी के माध्यम से वाहनों की आवाजाही, पार्किंग व्यवस्था, आपातकालीन मार्ग और श्रद्धालुओं के पैदल आवागमन पर निगरानी रखी जाएगी। पुलिस का प्रयास है कि मंदिर परिसर और आसपास के इलाकों में जाम की स्थिति न बने तथा एंबुलेंस और आपातकालीन सेवाओं को निर्बाध मार्ग मिल सके।
मंदिर परिसर में विशेष निगरानी
बाबा बैद्यनाथ मंदिर परिसर, जलार्पण मार्ग, कतार व्यवस्था और प्रवेश-निकास द्वारों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात रहेगा। इसके अलावा स्पेशल क्विक रिस्पांस टीम (QRT) को भी अलर्ट मोड पर रखा गया है ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके। कंट्रोल रूम से पूरे मेला क्षेत्र की निगरानी की जाएगी और विभिन्न सुरक्षा इकाइयों के बीच समन्वय बनाए रखा जाएगा।
40 डीएसपी संभालेंगे सुरक्षा की कमान
मेले की सुरक्षा व्यवस्था के लिए कुल 40 डीएसपी स्तर के अधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की गई है। इनमें प्रमुख रूप से बैद्यनाथ प्रसाद, विद्या शंकर, प्रदीप उरांव, महेश प्रजापति, तुलेश्वर प्रसाद कुशवाहा, आशुतोष कुमार सत्यम, सहदेव प्रसाद, रंजीत कुमार लकड़ा, अशोक रविदास, अनिल कुमार सिंह, सुरेश प्रसाद, भोला प्रसाद सिंह, राजेन्द्र कुमार दुबे, वशिष्ठ नारायण सिंह, वरुण देवगम, नोवेल कुजूर, नवल किशोर प्रसाद, अजय कुमार केशरी, सतीश कुमार, नीरज कुमार सिंह, धीरेन्द्र नारायण बंका, अरविन्द कुमार बिन्हा, अतीन कुमार, राजा कुमार मित्रा, सुमीत प्रसाद, आनंद ज्योति मिंज, अजय कुमार, प्रवीण कुमार सिंह, विजय कुमार कुशवाहा, मो. तौकिर आलम, शारदा रंजन प्रसाद सिंह, बुधराम उरांव, मनोज कुमार महतो, श्री कुमार राम, राजेश कुमार, संजय कुमार, राम अनुप महतो, दयानंद आजाद, चंद्रशेखर आजाद और पवन कुमार शामिल हैं।
इन अधिकारियों को अलग-अलग सेक्टरों और संवेदनशील क्षेत्रों की जिम्मेदारी सौंपी गई है, ताकि किसी भी स्थिति में त्वरित निर्णय और कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
श्रद्धालुओं की सुविधा भी प्राथमिकता
पुलिस प्रशासन का कहना है कि सुरक्षा के साथ-साथ श्रद्धालुओं की सुविधा भी प्राथमिकता में है। जलार्पण मार्ग, कतार प्रबंधन, ट्रैफिक कंट्रोल, लापता व्यक्तियों की सहायता, मेडिकल इमरजेंसी और सूचना केंद्रों के बीच समन्वय स्थापित किया गया है। श्रद्धालुओं से भी अपील की गई है कि वे प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें, निर्धारित मार्गों का उपयोग करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें।
सुरक्षित और व्यवस्थित मेले का लक्ष्य
श्रावणी मेला केवल झारखंड ही नहीं बल्कि पूरे देश के सबसे बड़े धार्मिक आयोजनों में शामिल है। हर वर्ष लाखों कांवरिये और श्रद्धालु बाबा बैद्यनाथ का जलाभिषेक करने पहुंचते हैं। ऐसे में पुलिस प्रशासन का उद्देश्य इस बार भी सुरक्षित, व्यवस्थित और श्रद्धालु-अनुकूल श्रावणी मेला सुनिश्चित करना है।






