DGCA की बड़ी कार्रवाई: इंडिगो पर 22 करोड़ का जुर्माना, ऑपरेशनल खामियां उजागर
New Delhi : देश की सबसे बड़ी निजी एयरलाइन IndiGo पर एविएशन रेगुलेटर Directorate General of Civil Aviation (DGCA) ने कड़ी कार्रवाई की है। जांच में गंभीर ऑपरेशनल खामियां पाए जाने के बाद DGCA ने इंडिगो पर 22 करोड़ रुपये का भारी जुर्माना लगाया है। नियामक का कहना है कि एयरलाइन द्वारा क्रू से तय सीमा से अधिक काम लेना, कमजोर ऑपरेशनल प्लानिंग और ड्यूटी टाइम नियमों के सही अनुपालन में चूक के चलते बड़ी संख्या में उड़ानें देरी और रद्दीकरण का शिकार हुईं।
जांच में क्या-क्या खामियां सामने आईं?
DGCA की विस्तृत जांच में पाया गया कि इंडिगो मैनेजमेंट ने ऐसा ऑपरेशनल मॉडल अपनाया, जिसमें कम संसाधनों में अधिकतम उड़ानें संचालित करने पर जोर था।
- क्रू रोस्टरिंग में ओवरवर्क
- विमान और नेटवर्क संसाधनों का अत्यधिक उपयोग
- बदले हुए ड्यूटी टाइम लिमिट (DTL) नियमों का अधूरा अनुपालन
इन कारणों से सिस्टम पर दबाव बढ़ा और किसी भी तरह की रुकावट या आपात स्थिति से निपटने की गुंजाइश कम रह गई।
देरी और रद्दीकरण से यात्री हुए परेशान
नियामक के अनुसार, कमजोर प्लानिंग का सीधा असर उड़ानों के संचालन पर पड़ा। कई रूट्स पर लगातार देरी, जबकि कुछ मामलों में उड़ानें रद्द करनी पड़ीं। इससे यात्रियों को असुविधा झेलनी पड़ी और एयरलाइन की विश्वसनीयता पर भी सवाल खड़े हुए।
DGCA का सख्त संदेश
DGCA ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा और नियमों का पालन किसी भी कीमत पर समझौता योग्य नहीं है। क्रू की सेहत, उड़ान सुरक्षा और यात्रियों की सुविधा सर्वोपरि है। नियामक ने इंडिगो को भविष्य में कंप्लायंस मजबूत करने, रोस्टरिंग सुधारने और ऑपरेशनल प्लानिंग को यथार्थवादी बनाने के निर्देश दिए हैं।
आगे क्या?
सूत्रों के मुताबिक, DGCA आने वाले समय में एयरलाइंस के ड्यूटी टाइम, क्रू मैनेजमेंट और नेटवर्क प्लानिंग की निगरानी और कड़ी कर सकता है। इंडिगो को जुर्माने के साथ-साथ सुधारात्मक कदम उठाने होंगे, ताकि ऐसी स्थिति दोबारा न बने।





