mela

12 साल पुराने JPSC घोटाले में बड़ा मोड़, 74 में से 30 आरोपी कोर्ट नहीं पहुंचे

JPSC Recruitment Scam

CBI कोर्ट ने अपनाया सख्त रुख, अगली सुनवाई 13 जुलाई को

रांची: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की प्रथम सिविल सेवा नियुक्ति घोटाला मामले में बुधवार को रांची स्थित सीबीआई की विशेष अदालत में महत्वपूर्ण सुनवाई हुई। इस दौरान अदालत में कुल 74 आरोपियों में से केवल 44 आरोपी ही उपस्थित हुए, जबकि 30 आरोपी अनुपस्थित रहे। आरोपियों की गैरहाजिरी पर अदालत ने गंभीर रुख अपनाते हुए मामले की अगली सुनवाई के लिए 13 जुलाई की तारीख निर्धारित की है।

74 आरोपियों के खिलाफ जारी हुआ था समन
इस बहुचर्चित नियुक्ति घोटाले में कुल 74 लोगों को आरोपी बनाया गया है। इनमें झारखंड लोक सेवा आयोग के पूर्व पदाधिकारी, अधिकारी और चयनित अभ्यर्थी शामिल हैं। विशेष अदालत ने सभी आरोपियों के खिलाफ समन जारी कर उन्हें व्यक्तिगत रूप से अदालत में उपस्थित होने का निर्देश दिया था।

इसके बावजूद बुधवार को हुई सुनवाई में सभी आरोपी उपस्थित नहीं हुए, जिसके कारण अदालत को आगे की कार्रवाई के लिए नई तारीख तय करनी पड़ी।

पूर्व अध्यक्ष समेत कई बड़े नाम शामिल
सीबीआई की चार्जशीट के आधार पर अदालत ने जिन प्रमुख आरोपियों को तलब किया है, उनमें JPSC के तत्कालीन अध्यक्ष दिलीप कुमार प्रसाद, पूर्व सदस्य गोपाल प्रसाद सिंह, शांति देवी, राधा गोविंद सिंह नागेश तथा तत्कालीन परीक्षा नियंत्रक एलिस उषा रानी सिंह शामिल हैं। इसके अलावा इस मामले में 47 ऐसे अधिकारी भी आरोपी हैं जो वर्तमान या पूर्व में विभिन्न सरकारी पदों पर कार्यरत रहे हैं।

munadi live whattsapp banne.jpg

हाईकोर्ट के हस्तक्षेप के बाद पूरी हुई जांच
यह मामला झारखंड के सबसे चर्चित भर्ती घोटालों में से एक माना जाता है। झारखंड हाईकोर्ट के हस्तक्षेप और निर्देश के बाद केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने मामले की जांच पूरी कर अदालत में चार्जशीट दाखिल की थी। करीब 12 वर्षों तक चली जांच और कानूनी प्रक्रिया के बाद अब मामले की सुनवाई निर्णायक चरण में पहुंचती दिखाई दे रही है।

resizone elanza

Telegram channel

बढ़ सकता है आरोपियों पर दबाव
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि अदालत में आरोपियों की अनुपस्थिति को गंभीरता से लिया जा सकता है। आगामी सुनवाई में अदालत गैरहाजिर आरोपियों के संबंध में कड़े निर्देश जारी कर सकती है। 13 जुलाई को होने वाली अगली सुनवाई पर अब सभी की नजरें टिकी हैं, क्योंकि इसी दौरान मामले में आगे की न्यायिक प्रक्रिया को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय सामने आ सकते हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *