RSS कार्यालय हमला: UAPA के तहत केस दर्ज, आतंकी साजिश के एंगल से जांच तेज
रांची: राजधानी रांची के निवारणपुर स्थित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) कार्यालय पर हुए पेट्रोल बम हमले की जांच अब नए मोड़ पर पहुंच गई है। मामले में पुलिस ने चार लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें हमले को अंजाम देने वाले दोनों मुख्य आरोपी भी शामिल हैं। गिरफ्तारी के बाद सामने आए तथ्यों ने जांच एजेंसियों को आतंकी साजिश की आशंका की दिशा में सोचने पर मजबूर कर दिया है।
दिल्ली भागने की कोशिश में पकड़े गए आरोपी
पुलिस के अनुसार, हमले के बाद दोनों मुख्य आरोपी ट्रेन के जरिए दिल्ली भागने की कोशिश कर रहे थे। सूचना मिलते ही रांची पुलिस की विशेष टीम ने रांची से कोडरमा तक गुजरने वाली ट्रेनों में सघन तलाशी अभियान चलाया। आखिरकार दोनों आरोपी कोडरमा स्टेशन के पास पकड़ लिए गए। पुलिस सूत्रों का दावा है कि पूछताछ में कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आई हैं, जिनके आधार पर जांच का दायरा बढ़ाया गया है।
UAPA की धाराओं ने बढ़ाई मामले की गंभीरता
RSS के प्रांत कार्यालय प्रमुख नरसिंह कुमार की शिकायत पर चुटिया थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई है। आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता (BNS), विस्फोटक पदार्थ अधिनियम के साथ-साथ गैरकानूनी गतिविधि (निवारण) अधिनियम (UAPA) की धारा 16 और 18 भी लगाई गई हैं। कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार UAPA की इन धाराओं का उपयोग आमतौर पर आतंकी गतिविधियों या आतंकी साजिश से जुड़े मामलों में किया जाता है, जिससे यह मामला और गंभीर हो गया है।
हमले का वीडियो भी बनाया गया
जांच में सामने आया है कि हमलावरों ने पेट्रोल बम फेंकने की पूरी घटना का वीडियो रिकॉर्ड किया था। सीसीटीवी फुटेज में दो युवक कार्यालय के बाहर पहुंचते, पेट्रोल बम तैयार करते और उसे फेंकते दिखाई दे रहे हैं। एक आरोपी बम फेंक रहा था जबकि दूसरा पूरी घटना को मोबाइल में रिकॉर्ड कर रहा था। जांच एजेंसियों का मानना है कि किसी संवेदनशील स्थल पर हमले का वीडियो बनाना एक सुनियोजित रणनीति का हिस्सा हो सकता है। इसी वजह से मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की रुचि बढ़ी है।
घटना के समय कार्यालय में मौजूद थे 20 लोग
RSS की शिकायत के अनुसार हमले के वक्त कार्यालय परिसर में करीब 20 लोग मौजूद थे। यदि पेट्रोल बम भवन के अंदर गिरता तो बड़ी जनहानि हो सकती थी। शिकायत में दावा किया गया है कि हमलावरों का मकसद कार्यालय को गंभीर नुकसान पहुंचाना था।
NIA की नजर, पुलिस जल्द करेगी खुलासा
घटना के बाद NIA की टीम ने भी घटनास्थल का दौरा किया था। अब गिरफ्तारी और बरामद साक्ष्यों के बाद संभावना जताई जा रही है कि जांच में केंद्रीय एजेंसियों की भूमिका और बढ़ सकती है। रांची पुलिस गुरुवार शाम तक पूरे मामले का विस्तृत खुलासा कर सकती है। एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि हमले के पीछे केवल स्थानीय साजिश थी या इसके तार किसी बड़े नेटवर्क से जुड़े हैं।





