राज्यसभा चुनाव में जयराम महतो का बड़ा संकेत! बोले- बैद्यनाथ राम पहली पसंद, लेकिन प्राथमिकता डुमरी का विकास
रांची: झारखंड राज्यसभा चुनाव को लेकर पिछले कई दिनों से जारी सस्पेंस के बीच डुमरी विधायक जयराम महतो के ताजा बयान ने राजनीतिक गलियारों में नई चर्चा छेड़ दी है। हालांकि उन्होंने अब भी खुलकर यह नहीं बताया कि उनका वोट किस उम्मीदवार को गया, लेकिन बातचीत के दौरान झामुमो उम्मीदवार बैद्यनाथ राम को अपनी पहली पसंद बताकर उन्होंने बड़ा राजनीतिक संकेत जरूर दे दिया है। राज्यसभा चुनाव से ठीक पहले जयराम महतो के इस बयान को बेहद अहम माना जा रहा है, क्योंकि उनके एक वोट पर सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों की नजर बनी हुई है।
“मेरी प्राथमिकता डुमरी का विकास”
मीडिया से बातचीत में जयराम महतो ने कहा कि मतदान के समय उनकी प्राथमिकता किसी राजनीतिक दल या व्यक्ति विशेष से अधिक डुमरी विधानसभा क्षेत्र का विकास है। उन्होंने कहा कि एक निर्दलीय विधायक होने के नाते उन्हें अपने क्षेत्र के विकास के लिए राज्य सरकार, केंद्र सरकार और राज्यसभा सांसदों के फंड से योजनाओं की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा,
“डुमरी के विकास के लिए प्रधानमंत्री सड़क योजना भी चाहिए और मुख्यमंत्री सड़क योजना भी। मेरा उद्देश्य अपने क्षेत्र के लोगों को बेहतर सुविधाएं दिलाना है।”
पलायन पर जताई चिंता
जयराम महतो ने अपने क्षेत्र से लगातार हो रहे पलायन पर भी गंभीर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि डुमरी, बगोदर और बरकट्ठा जैसे इलाकों से बड़ी संख्या में युवा रोजगार की तलाश में दूसरे राज्यों में जाते हैं।
क्षेत्र में उद्योग लगाने की मांग
जयराम महतो ने कहा कि पलायन रोकने का सबसे प्रभावी उपाय स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर पैदा करना है। इसके लिए उन्होंने अपने क्षेत्र में उद्योग स्थापित करने की मांग दोहराई। उन्होंने कहा कि यदि क्षेत्र में उद्योग लगेंगे तो युवाओं को रोजगार मिलेगा और उन्हें अपने घर-परिवार से दूर दूसरे राज्यों में नहीं जाना पड़ेगा।
राज्यसभा चुनाव में बढ़ी दिलचस्पी
झारखंड की दो राज्यसभा सीटों पर हो रहे चुनाव में इस बार मुकाबला रोचक बना हुआ है। झामुमो की ओर से बैद्यनाथ राम, कांग्रेस की ओर से प्रणव झा और एनडीए समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नाथवानी मैदान में हैं। ऐसे में जयराम महतो का वोट किसे मिला, इस पर सभी की नजर टिकी हुई है। हालांकि उनके बयान से यह जरूर साफ हो गया है कि वह राजनीतिक समीकरण से ज्यादा अपने क्षेत्र के विकास को प्राथमिकता देने का संदेश देना चाहते हैं।






