RSS कार्यालय हमला: आरोपी सैफ का हाफ एनकाउंटर, वीडियो पाकिस्तान भेजने की आशंका; जांच में जुटीं एजेंसियां
रांची: राजधानी रांची के निवारणपुर स्थित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) कार्यालय पर पेट्रोल बम हमले के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। इस मामले के आरोपी सैफ को पुलिस ने दोबारा गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तारी के दौरान आरोपी ने कथित तौर पर भागने और पुलिसकर्मियों का हथियार छीनने की कोशिश की, जिसके बाद हुई कार्रवाई में उसके पैर में गोली लग गई। घायल आरोपी को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, आरोपी से लगातार पूछताछ की जा रही है और मामले से जुड़े कई अहम सुराग हाथ लगे हैं।
कोतवाली थाना की हाजत से फरार हो गया था सैफ
जानकारी के मुताबिक, RSS कार्यालय पर पेट्रोल बम हमले के बाद पुलिस ने सैफ समेत दो आरोपियों को गिरफ्तार किया था। लेकिन गिरफ्तारी के बाद सैफ कोतवाली थाना की हाजत की खिड़की तोड़कर फरार हो गया था। उसकी फरारी की पूरी घटना थाना परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरे में भी रिकॉर्ड हुई थी। आरोपी के फरार होने के बाद पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर कई विशेष टीमों का गठन किया गया और लगातार छापेमारी अभियान चलाया गया।
बस से भागने की कोशिश के दौरान दबोचा गया
पुलिस को सूचना मिली थी कि सैफ राज्य से बाहर भागने की फिराक में है। इसके बाद पुलिस टीम ने मांडर टोल प्लाजा के पास घेराबंदी कर उसे पकड़ लिया। बताया जा रहा है कि गिरफ्तारी के बाद जब पुलिस उसे लेकर वापस लौट रही थी, तभी उसने फिर से भागने का प्रयास किया।पुलिस का दावा है कि आरोपी ने हथियार छीनने की कोशिश की, जिसके बाद आत्मरक्षा और सुरक्षा के मद्देनजर की गई कार्रवाई में उसके पैर में गोली लगी।
पाकिस्तान कनेक्शन की भी जांच
जांच एजेंसियों के सामने अब एक और चौंकाने वाला पहलू सामने आया है। सूत्रों के अनुसार, RSS कार्यालय पर पेट्रोल बम फेंकते समय आरोपियों ने पूरी घटना का वीडियो बनाया था। आशंका जताई जा रही है कि यह वीडियो पाकिस्तान भेजा गया था। हालांकि पुलिस और जांच एजेंसियों ने अभी तक आधिकारिक रूप से इस दावे की पुष्टि नहीं की है, लेकिन इस एंगल को गंभीरता से जांचा जा रहा है। इसी कारण मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) और अन्य सुरक्षा एजेंसियों की भी नजर बनी हुई है।
दो दिन पहले हुआ था हमला
गौरतलब है कि दो दिन पहले देर रात निवारणपुर स्थित RSS कार्यालय पर पेट्रोल बम से हमला किया गया था। हमलावरों ने कार्यालय परिसर को निशाना बनाकर विस्फोटक सामग्री फेंकी थी। घटना के समय परिसर में कई लोग मौजूद थे, हालांकि किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। इस मामले में पुलिस पहले ही अमन अंसारी, सायन खान समेत कई आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है।
साजिश और नेटवर्क की जांच जारी
पुलिस अब इस हमले के पीछे मौजूद पूरी साजिश, फंडिंग, संभावित नेटवर्क और बाहरी कनेक्शन की गहन जांच कर रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि हमला केवल स्थानीय स्तर पर रचा गया था या इसके पीछे किसी बड़े संगठित नेटवर्क का हाथ है। रांची पुलिस का कहना है कि पूछताछ और तकनीकी जांच के आधार पर जल्द ही पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा।





