RSS कार्यालय हमला: दुबई से मिला टास्क, रांची में फेंके गए पेट्रोल बम; 3 आरोपी गिरफ्तार

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जांच में बड़ा खुलासा, अंतरराष्ट्रीय साजिश के एंगल पर काम कर रहीं एजेंसियां

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दीपक कुमार थाना प्रभारी रामगढ़ घाटों
द हॉप मल्टीस्पेशलिस्ट हॉस्पिटल रांची रोड मरार रामगढ़
बिहार फाऊंडरी एंड कास्टिंग लिमिटेड इंडस्ट्रीज एरिया मरार रामगढ़
मां तारा सेवा समिति
मां सेवा यतन हॉस्पिटल
रजरप्पा थाना प्रभारी श्री कृष्ण कुमार
रमेश रविदास
रमेश सिंह
राधा गोविंद यूनिवर्सिटी लाल की घाटी रामगढ़
रोटरी रामगढ़ सिटी के पूर्व अध्यक्ष श्री आदर्श चौधरी
रोटेरियन हरीश चौधरी
होटल सम्राट गोला रोड
होटल तेजस
होटल ट्रीट थाना चौक रामगढ़
15 Aug 2026 poat Ads Ramgarh

रांची: राजधानी रांची के चुटिया थाना क्षेत्र स्थित निवारणपुर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रांतीय कार्यालय पर हुए पेट्रोल बम हमले की जांच में लगातार बड़े खुलासे हो रहे हैं। पुलिस, एटीएस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों की संयुक्त कार्रवाई में इस मामले के तीन मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। शुरुआती जांच में सामने आए तथ्यों ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है।

सूत्रों के मुताबिक, हमले की साजिश स्थानीय स्तर पर नहीं बल्कि दुबई में रची गई थी। जांच में ऐसे संकेत मिले हैं कि इस पूरे घटनाक्रम के तार पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI और कथित आतंकी संगठन TTH से जुड़ सकते हैं। हालांकि एजेंसियां अभी सभी पहलुओं की जांच कर रही हैं और आधिकारिक पुष्टि से पहले सबूत जुटाने में लगी हैं।

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आशुतोष सिंह कुज्जू थाना प्रभारी
झारखंड हॉस्पिटल
डीड राइटर रामगढ़ 1
थेरेपी वर्ल्ड स्पा
बागड़िया ब्रदर श्याम कंपलेक्स
प्रो केयर डेंटल क्लिनिक
पॉली डॉग हॉस्पिटल रांची
न्यू रामगढ़ टेंट हाउस
निवेदक श्री सदानंद कुमार
निवेदक नवीन प्रकाश पांडे थाना प्रभारी रामगढ़ थाना

दुबई में हुई थी हैंडलर्स से मुलाकात
जांच एजेंसियों के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों में से एक युवक पहले दुबई में काम करता था। वहीं उसकी मुलाकात राना हुसैन उर्फ राना जी और शाहबाज आलम उर्फ भट्टी नामक व्यक्तियों से हुई थी। पूछताछ में सामने आया है कि दोनों संदिग्ध व्यक्ति कथित तौर पर TTH संगठन से जुड़े हुए हैं। सूत्रों का दावा है कि दुबई में ही आरोपी का ब्रेनवॉश किया गया और उसे भारत लौटकर रांची स्थित RSS कार्यालय को निशाना बनाने का टास्क दिया गया। इसके बाद आरोपी झारखंड पहुंचा और अपने सहयोगियों के साथ मिलकर पूरी योजना को अंजाम देने की तैयारी शुरू कर दी।

सेंट्रल हार्डवेयर
सतीश गुप्ता
श्री शंकर मिश्रा
श्री पंकज कुशवाहा
श्री कृष्ण विद्या मंदिर
श्री आजाद सिंह
अनिल शर्मा सर
किशन जयसवाल
गोविंद मेवाड़
छोटू सिंह
जॉनी अग्रवाल
डॉ. राकेश सिंह
तिलक राज मंगलम
बंटी मोदी
मनोज अग्रवाल
मुकेश राम
राजू गुप्ता उर्फ जयनारायण साहू
राहुल कुमार उर्फ सोनू

स्थानीय बाजार से खरीदी गई थी सामग्री
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि पेट्रोल बम तैयार करने के लिए इस्तेमाल की गई सामग्री रांची के स्थानीय बाजार से खरीदी गई थी। आरोपियों ने कांच की बोतलें, पेट्रोल और आग लगाने के लिए इस्तेमाल होने वाली रस्सी खरीदकर खुद पेट्रोल बम तैयार किया था। बताया जा रहा है कि हमले से पहले आरोपियों ने RSS कार्यालय की रेकी भी की थी। इसके बाद देर रात कार्यालय परिसर को निशाना बनाकर पेट्रोल बम फेंके गए।

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तीन आरोपी गिरफ्तार, एक रांची का निवासी
सुरक्षा एजेंसियों ने इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें दो आरोपी लोहरदगा जिले के रहने वाले बताए जा रहे हैं, जबकि एक आरोपी रांची का निवासी है। जांच में सामने आया है कि स्थानीय आरोपी ने रेकी और अन्य व्यवस्थाओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। गिरफ्तार आरोपियों से लगातार पूछताछ की जा रही है और उनके मोबाइल फोन, सोशल मीडिया अकाउंट तथा संपर्क सूत्रों की जांच की जा रही है।

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ISI और विदेशी फंडिंग की जांच
जांच एजेंसियां अब इस बात की पड़ताल कर रही हैं कि हमले के लिए फंडिंग कहां से हुई और आरोपियों के विदेशी संपर्क कितने मजबूत थे। आरोपियों के बैंक खातों, डिजिटल ट्रांजेक्शन और इंटरनेट गतिविधियों को खंगाला जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, एजेंसियों को संदेह है कि दुबई में बैठे हैंडलर्स को पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI से समर्थन या निर्देश मिल रहे थे। इसी कारण मामले को गंभीर राष्ट्रीय सुरक्षा चुनौती के रूप में देखा जा रहा है।

मुठभेड़ में घायल हुआ एक आरोपी
इस पूरे मामले में गिरफ्तार आरोपी सैफ के फरार होने और बाद में दोबारा पकड़े जाने की घटना भी चर्चा में है। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तारी के बाद वह थाना हाजत से फरार हो गया था। बाद में मांडर इलाके में उसे दोबारा पकड़ लिया गया। पुलिस का दावा है कि गिरफ्तारी के दौरान आरोपी ने भागने और हथियार छीनने की कोशिश की, जिसके बाद हुई कार्रवाई में उसके पैर में गोली लगी। फिलहाल उसका इलाज चल रहा है।

बड़े नेटवर्क की तलाश में जुटी एजेंसियां
जांच एजेंसियों का मानना है कि यह केवल तीन आरोपियों तक सीमित मामला नहीं हो सकता। इसके पीछे किसी बड़े मॉड्यूल, स्लीपर सेल या संगठित नेटवर्क के सक्रिय होने की आशंका जताई जा रही है। पुलिस, एटीएस और केंद्रीय एजेंसियां लगातार छापेमारी कर रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ आगे बढ़ने के साथ कई और अहम नाम और कड़ियां सामने आ सकती हैं। आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

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