महंगा हुआ विमान ईंधन, रांची से दिल्ली-हैदराबाद समेत 4 फ्लाइट्स 1 जुलाई से बंद
ATF की बढ़ती कीमतों का असर, एयरलाइंस कंपनियों ने लिया फैसला
रांची: विमान ईंधन (ATF) की लगातार बढ़ती कीमतों का असर अब झारखंड की राजधानी रांची से संचालित हवाई सेवाओं पर भी दिखाई देने लगा है। यात्रियों के लिए बड़ी खबर यह है कि 1 जुलाई 2026 से रांची एयरपोर्ट से चार महत्वपूर्ण विमान सेवाएं बंद कर दी जाएंगी। एयरलाइंस कंपनियों ने परिचालन लागत में भारी वृद्धि का हवाला देते हुए यह फैसला लिया है।
एयर इंडिया एक्सप्रेस ने बंद की दो सेवाएं
एयर इंडिया एक्सप्रेस ने रांची से संचालित अपनी दो प्रमुख उड़ानों को बंद करने का निर्णय लिया है। इनमें शामिल हैं:
- रांची – दिल्ली
- रांची – हैदराबाद
एयरलाइन का कहना है कि बढ़ती ईंधन लागत और परिचालन खर्च के कारण इन रूटों पर सेवाएं जारी रखना आर्थिक रूप से चुनौतीपूर्ण हो गया था।
इंडिगो ने भी लिया बड़ा फैसला
देश की प्रमुख निजी एयरलाइन इंडिगो ने भी रांची से संचालित दो उड़ानों को स्थायी रूप से बंद करने की घोषणा की है। बंद होने वाली उड़ानें:
- रांची – कोलकाता
- रांची – हैदराबाद
इन रूटों पर बड़ी संख्या में यात्री नियमित रूप से सफर करते हैं, इसलिए इस फैसले का सीधा असर यात्रियों पर पड़ेगा।
यात्रियों की बढ़ सकती है मुश्किल
रांची से दिल्ली, कोलकाता और हैदराबाद के लिए प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग यात्रा करते हैं। इनमें व्यवसायी, छात्र, नौकरीपेशा लोग, मरीज और पर्यटक शामिल हैं। चार उड़ानों के बंद होने से:
- यात्रियों के विकल्प कम हो जाएंगे
- अन्य एयरलाइंस की टिकटों की मांग बढ़ सकती है
- हवाई किराए में बढ़ोतरी की संभावना है
- यात्रा की योजना बनाना अधिक कठिन हो सकता है
ATF की कीमतों ने बढ़ाई एयरलाइंस की चिंता
एयरलाइंस कंपनियों का कहना है कि विमान ईंधन की कीमतों में लगातार वृद्धि से परिचालन लागत पर भारी दबाव पड़ा है। कम लाभ वाले रूट्स पर उड़ानें संचालित करना अब आर्थिक रूप से व्यवहारिक नहीं रह गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि ईंधन कीमतों में राहत नहीं मिली तो आने वाले समय में अन्य सेक्टरों पर भी असर पड़ सकता है।
कुछ उड़ानें पहले की तरह रहेंगी जारी
हालांकि रांची एयरपोर्ट से संचालित अन्य एयरलाइंस की कई सेवाएं फिलहाल सामान्य रूप से जारी रहेंगी। लेकिन जिन यात्रियों की नियमित यात्रा इन चार रूटों पर होती थी, उन्हें अब वैकल्पिक उड़ानों या अन्य परिवहन साधनों का सहारा लेना पड़ सकता है।
यात्रियों में बढ़ी चिंता
एयरलाइंस कंपनियों की इस घोषणा के बाद यात्रियों के बीच चिंता का माहौल है। खासकर व्यवसायिक यात्रियों और छात्रों को सबसे अधिक परेशानी होने की आशंका है। यात्रा विशेषज्ञों का मानना है कि मांग बढ़ने के साथ अन्य उपलब्ध उड़ानों के किराए में भी बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। 1 जुलाई से लागू होने वाले इस फैसले का असर रांची के हवाई यातायात और यात्रियों की सुविधा पर साफ तौर पर देखने को मिलेगा।






