झारखंड में SIR अभियान तेज: 30 जून से घर-घर जाएंगे BLO, मतदाताओं को नहीं देने होंगे दस्तावेज
रांची: झारखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision-SIR) अभियान को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी (CEO) के. रवि कुमार ने गुरुवार को सभी जिला निर्वाचन पदाधिकारियों को ऑनलाइन माध्यम से प्रशिक्षण देते हुए अभियान को समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से संचालित करने के निर्देश दिए।
निर्वाचन सदन से आयोजित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि पुनरीक्षण अभियान का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र भारतीय नागरिक मतदाता सूची से बाहर न रहे और कोई भी अपात्र व्यक्ति सूची में शामिल न हो। इसके लिए भारत निर्वाचन आयोग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का अक्षरशः पालन किया जाना आवश्यक है।
20 जून से शुरू होगा प्रशिक्षण और प्रिंटिंग कार्य
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने बताया कि राज्यभर में 20 जून से प्रिंटिंग और प्रशिक्षण का कार्य शुरू किया जाएगा। सभी जिलों में निर्धारित समय-सारिणी के अनुसार अधिकारियों, बीएलओ (Booth Level Officer) और बीएलओ सुपरवाइजरों का प्रशिक्षण सुनिश्चित किया जाएगा ताकि जमीनी स्तर पर कार्य के दौरान किसी प्रकार की भ्रम की स्थिति उत्पन्न न हो। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि प्रत्येक अधिकारी और कर्मचारी निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों को सही तरीके से समझकर उनका पालन करे।
30 जून से घर-घर जाकर फॉर्म वितरित करेंगे BLO
के. रवि कुमार ने बताया कि 30 जून से बीएलओ घर-घर जाकर मतदाताओं को इन्यूमरेशन फॉर्म वितरित करेंगे। इससे पहले उन्हें फॉर्म भरने की प्रक्रिया और पूर्व की मतदाता सूचियों से मैपिंग की पूरी जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी। इस प्रक्रिया के माध्यम से मतदाताओं का सत्यापन किया जाएगा और मतदाता सूची को अधिक सटीक और अद्यतन बनाया जाएगा।
दस्तावेज जमा करने की जरूरत नहीं
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने स्पष्ट किया कि मतदाता सूची की पूर्व एसआईआर से मैपिंग अथवा इन्यूमरेशन फॉर्म भरने के लिए मतदाताओं को किसी भी प्रकार का दस्तावेज देने की आवश्यकता नहीं होगी। उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति का नाम पूर्व की मतदाता सूची में दर्ज है, तो उसे अतिरिक्त दस्तावेज प्रस्तुत करने की जरूरत नहीं है। आंशिक रूप से भरे गए इन्यूमरेशन फॉर्म में पूर्व एसआईआर का विवरण दर्ज करने के लिए अलग कॉलम उपलब्ध रहेगा, जिससे मैपिंग प्रक्रिया पूरी हो जाएगी।
बच्चों के लिए भी मान्य होगा अभिभावक विवरण
प्रशिक्षण के दौरान बताया गया कि पूर्व एसआईआर का विवरण मतदाता के पुत्र-पुत्रियों के लिए अभिभावक प्रमाण के रूप में भी मान्य होगा। इससे परिवार आधारित सत्यापन प्रक्रिया को सरल बनाया जा सकेगा और मतदाताओं को अनावश्यक दस्तावेजी प्रक्रिया से राहत मिलेगी।
गलत जानकारी देने वालों पर होगी कार्रवाई
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि कोई मतदाता गलत जानकारी देकर मैपिंग कराने का प्रयास करता है, तो उसे ‘एनोमली’ श्रेणी में चिह्नित किया जाएगा। ऐसे मामलों में निर्वाचन निबंधन पदाधिकारी (ERO) द्वारा संबंधित व्यक्ति को नोटिस जारी किया जाएगा। सुनवाई के दौरान उसे आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे। जांच में गलत जानकारी मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
अधिकारियों की शंकाओं का किया गया समाधान
प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान विभिन्न जिलों के जिला निर्वाचन पदाधिकारियों एवं उप निर्वाचन पदाधिकारियों ने एसआईआर प्रक्रिया से जुड़े कई सवाल पूछे, जिनका विस्तार से समाधान किया गया। बैठक में अपर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी सुबोध कुमार, राज्य प्रशिक्षण नोडल पदाधिकारी देवदास दत्ता, उप निर्वाचन पदाधिकारी धीरज कुमार ठाकुर, अपर निर्वाचन पदाधिकारी सुनील कुमार सिंह समेत सभी जिलों के जिला निर्वाचन पदाधिकारी एवं उप निर्वाचन पदाधिकारी ऑनलाइन माध्यम से शामिल हुए।






