NEET UG Re-Exam 2026: झारखंड के 67 केंद्रों पर शांतिपूर्ण संपन्न हुई परीक्षा, छात्रों ने व्यवस्था की सराहना की
रांची समेत पूरे राज्य में कड़ी सुरक्षा के बीच हुई परीक्षा
रांची: राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) द्वारा आयोजित NEET UG 2026 पुनर्परीक्षा रविवार को झारखंड के 67 परीक्षा केंद्रों पर शांतिपूर्ण और व्यवस्थित माहौल में संपन्न हो गई। राजधानी रांची में सर्वाधिक 21 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे, जहां बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों ने परीक्षा में भाग लिया। पिछले पेपर लीक विवाद को देखते हुए इस बार प्रशासन ने सुरक्षा और निगरानी के विशेष इंतजाम किए थे। परीक्षा केंद्रों पर पुलिस बल, मजिस्ट्रेट और निगरानी टीमों की तैनाती की गई थी, ताकि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की संभावना को पूरी तरह समाप्त किया जा सके।
सभी केंद्रों पर तैनात रहे मजिस्ट्रेट और पुलिस बल
जिला प्रशासन की ओर से प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर मजिस्ट्रेट की नियुक्ति की गई थी। इसके अलावा महिला एवं पुरुष पुलिसकर्मियों को सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। केंद्रों के बाहर विशेष निगरानी रखी गई और अभ्यर्थियों के प्रवेश, पहचान सत्यापन तथा अन्य प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित ढंग से संचालित किया गया। प्रशासन ने यह सुनिश्चित किया कि परीक्षार्थियों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
प्रशासन ने बताया परीक्षा पूरी तरह शांतिपूर्ण रही
रांची के अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) कुमार रजत ने बताया कि जिले के सभी 21 परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा पूरी तरह शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से संपन्न हुई। उन्होंने कहा कि प्रशासन का मुख्य उद्देश्य अभ्यर्थियों को सुरक्षित और सहज वातावरण उपलब्ध कराना था। इसके लिए पर्याप्त संख्या में सुरक्षा बल, मजिस्ट्रेट और निगरानी टीमों की तैनाती की गई थी।
कुमार रजत ने कहा कि परीक्षा के दौरान किसी भी केंद्र से किसी प्रकार की अव्यवस्था या शिकायत की सूचना प्राप्त नहीं हुई।
छात्रों ने व्यवस्था पर जताया संतोष
परीक्षा समाप्त होने के बाद केंद्रों से बाहर निकले अभ्यर्थियों ने भी परीक्षा व्यवस्था को संतोषजनक बताया। अभ्यर्थी अंजलि कुमारी ने कहा कि इस बार का प्रश्नपत्र पहले की तुलना में अधिक संतुलित था और अधिकांश प्रश्न सिलेबस के अनुरूप थे। उन्होंने परीक्षा केंद्र पर की गई व्यवस्थाओं की भी सराहना की। वहीं राहुल कुमार ने कहा कि प्रश्नपत्र का स्तर सामान्य से थोड़ा चुनौतीपूर्ण था, लेकिन पिछले प्रयास की तुलना में प्रश्नों को समझना अपेक्षाकृत आसान लगा। उन्होंने कहा कि बार-बार परीक्षा और बदलती परिस्थितियों से छात्रों पर मानसिक दबाव जरूर बढ़ता है।
अनिश्चितता छात्रों के लिए तनाव का कारण
परीक्षार्थी स्नेहा तिर्की ने कहा कि परीक्षा केंद्र पर सुरक्षा और बैठने की व्यवस्था बेहतर थी। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि परीक्षा तिथियों और प्रक्रियाओं में अनिश्चितता छात्रों के लिए तनाव का कारण बनती है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस बार परीक्षा परिणाम निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से घोषित किए जाएंगे।
बेहतर परिणाम की उम्मीद
झारखंड के सभी 67 परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न होने के बाद अब अभ्यर्थियों की निगाहें परिणाम पर टिकी हैं। परीक्षा देकर बाहर निकले अधिकांश छात्रों ने अपने प्रदर्शन पर संतोष व्यक्त किया और बेहतर परिणाम की उम्मीद जताई। पिछले विवादों के बाद आयोजित इस पुनर्परीक्षा के सफल संचालन को प्रशासन और परीक्षा एजेंसियों के लिए एक बड़ी चुनौती माना जा रहा था, जिसे इस बार व्यवस्थित तरीके से पूरा किया गया।






