गढ़वा में हाथी का तांडव: घर में घुसकर युवक को पटक-पटक कर मार डाला

Garhwa Elephant Attack

एक घायल; वन विभाग ने दी ₹50 हजार की तत्काल सहायता

गढ़वा: झारखंड के गढ़वा जिले के रंका अनुमंडल क्षेत्र से एक दर्दनाक घटना सामने आई है। रंका के बान्दू बाजार टोला में शुक्रवार देर रात एक जंगली हाथी ने घर में घुसकर हमला कर दिया। इस हमले में एक युवक की मौके पर गंभीर रूप से घायल होने के बाद मौत हो गई, जबकि एक अन्य व्यक्ति घायल हो गया। घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। वन विभाग ने मृतक के परिजनों को तत्काल राहत के तौर पर ₹50 हजार की अनुग्रह सहायता प्रदान की है, जबकि शेष मुआवजा प्रक्रिया पूरी होने के बाद देने की बात कही गई है।

घर में घुसा हाथी, अनाज खाने के दौरान किया हमला
मृतक की पहचान चुतरु बाजार टाड़ निवासी सरदार मांझी (पिता- किश्वर मांझी) के रूप में हुई है। मिली जानकारी के अनुसार, शुक्रवार की रात सरदार मांझी अपने घर में मौजूद थे। इसी दौरान एक जंगली हाथी उनके घर में घुस गया और घर में रखा अनाज खाने लगा। हाथी को देखकर घर में अफरा-तफरी मच गई। सरदार मांझी और उनके साथ मौजूद एक अन्य व्यक्ति ने खुद को बचाने की कोशिश की, लेकिन हाथी ने दोनों पर हमला कर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हाथी ने सरदार मांझी को अपनी सूंड से उठाकर जमीन पर पटक दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। वहीं दूसरा व्यक्ति भी हाथी के हमले में घायल हो गया।

ग्रामीणों ने शोर मचाकर हाथी को जंगल की ओर भगाया
घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंचे। लोगों ने मशाल जलाकर, शोर मचाकर और पारंपरिक तरीकों का सहारा लेकर हाथी को गांव से भगाने का प्रयास किया। काफी मशक्कत के बाद हाथी जंगल की ओर लौट गया। इसके बाद गंभीर रूप से घायल सरदार मांझी को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। वहीं घायल व्यक्ति का इलाज अस्पताल में चल रहा है और डॉक्टर उसकी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।

Adiwasi Mahotsav

वन विभाग और प्रशासन मौके पर पहुंचा
घटना की जानकारी मिलते ही वन विभाग की टीम और स्थानीय प्रशासन के अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे। अधिकारियों ने पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली और मृतक के परिजनों से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी। वन विभाग की ओर से मृतक के आश्रितों को तत्काल ₹50 हजार की अनुग्रह सहायता दी गई। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि सरकार के प्रावधानों के अनुसार शेष ₹3.50 लाख की मुआवजा राशि आवश्यक विभागीय औपचारिकताएं पूरी होने के बाद परिजनों को उपलब्ध करा दी जाएगी।

WhatsApp Image 2026 06 27 at 16.43.18 1 1
happy Teacher Day
happy Teacher Day

लगातार बढ़ रहा है जंगली हाथियों का आतंक
ग्रामीणों का कहना है कि रंका अनुमंडल के बान्दू, चुतरु और आसपास के कई गांवों में पिछले काफी समय से जंगली हाथियों का आतंक बना हुआ है। हाथियों के झुंड अक्सर रात के समय गांवों में प्रवेश कर घरों में रखा अनाज खा जाते हैं, खेतों में लगी फसलों को बर्बाद कर देते हैं और कई बार लोगों पर भी हमला कर देते हैं। ग्रामीणों के मुताबिक, हाथियों की लगातार आवाजाही के कारण लोग रातभर दहशत में रहने को मजबूर हैं। कई परिवार रात में घरों से बाहर निकलने तक से डरते हैं।

resizone elanza

Telegram channel

वन विभाग पर लापरवाही का आरोप
स्थानीय लोगों ने वन विभाग पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि हाथियों की गतिविधियों की जानकारी विभाग को लगातार दी जाती रही है, लेकिन केवल औपचारिक कार्रवाई की जाती है। न तो नियमित गश्ती की व्यवस्था की गई और न ही गांवों को समय पर अलर्ट करने की कोई प्रभावी प्रणाली विकसित की गई। ग्रामीणों ने मांग की है कि संवेदनशील गांवों में विशेष गश्ती दल तैनात किए जाएं, हाथियों की गतिविधियों पर चौबीसों घंटे निगरानी रखी जाए और प्रभावित परिवारों को शीघ्र पूर्ण मुआवजा उपलब्ध कराया जाए।

स्थायी समाधान की उठी मांग
घटना के बाद पूरे क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि वन विभाग और प्रशासन ने जंगली हाथियों के बढ़ते आतंक को रोकने के लिए ठोस और स्थायी कदम नहीं उठाए, तो भविष्य में ऐसी घटनाएं और बढ़ सकती हैं। लोगों ने हाथी प्रभावित क्षेत्रों के लिए विशेष सुरक्षा योजना लागू करने, प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली विकसित करने और मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने के लिए दीर्घकालिक रणनीति बनाने की मांग की है।

गढ़वा के रंका में हुई यह घटना एक बार फिर मानव और वन्यजीव संघर्ष की गंभीर समस्या को सामने लाती है। एक ओर जंगली हाथियों का लगातार आबादी वाले क्षेत्रों में प्रवेश ग्रामीणों की जान के लिए खतरा बन रहा है, वहीं दूसरी ओर स्थानीय लोग वन विभाग से प्रभावी और स्थायी समाधान की मांग कर रहे हैं। अब सभी की नजर इस बात पर है कि प्रशासन भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या ठोस कदम उठाता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *