29 जून को 1042 सहायक आचार्यों को नियुक्ति पत्र सौंपेंगे मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन
झारखंड में शिक्षा व्यवस्था को मिलेगी नई मजबूती
रांची: झारखंड में सरकारी स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने और शिक्षकों की कमी दूर करने की दिशा में राज्य सरकार एक और बड़ा कदम उठाने जा रही है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन 29 जून 2026 को 1,042 नवनियुक्त सहायक आचार्यों को नियुक्ति पत्र सौंपेंगे। राजधानी रांची के खेलगांव में आयोजित होने वाले समारोह में राज्य के विभिन्न जिलों से चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए जाएंगे। सरकार का कहना है कि इस नियुक्ति से उन सरकारी स्कूलों को राहत मिलेगी, जहां लंबे समय से शिक्षकों की कमी के कारण पढ़ाई प्रभावित हो रही थी। कई विद्यालयों में एक या दो शिक्षकों के भरोसे पूरी स्कूल व्यवस्था चल रही थी।
पहली से आठवीं तक के लिए होगी नियुक्ति
इस चरण में कुल 1,042 सहायक आचार्यों की नियुक्ति की जा रही है। इनमें—
- कक्षा 1 से 5 तक के लिए 274 सहायक आचार्य
- कक्षा 6 से 8 तक के लिए 768 सहायक आचार्य को नियुक्ति पत्र दिए जाएंगे।
शिक्षा विभाग के अधिकारियों के अनुसार, नियुक्ति पत्र वितरण की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। जिला स्थापना समितियों की अनुशंसाएं प्राथमिक शिक्षा निदेशालय को प्राप्त हो चुकी हैं।
26 हजार शिक्षकों की नियुक्ति का लक्ष्य
राज्य सरकार ने प्राथमिक और मध्य विद्यालयों में शिक्षकों की भारी कमी को दूर करने के लिए 26,000 सहायक आचार्यों की नियुक्ति का लक्ष्य निर्धारित किया है। यह नियुक्ति प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से पूरी की जा रही है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, अब तक 12,500 से अधिक सहायक आचार्यों की नियुक्ति पूरी की जा चुकी है। सरकार का दावा है कि शेष रिक्त पदों पर भी जल्द नियुक्ति प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
सरकारी स्कूलों में सुधरेगी पढ़ाई
शिक्षा विभाग का मानना है कि नए शिक्षकों की नियुक्ति से उन विद्यालयों में पढ़ाई की गुणवत्ता बेहतर होगी, जहां लंबे समय से शिक्षक नहीं थे या बहुत कम संख्या में शिक्षक कार्यरत थे। कई ग्रामीण और दूरदराज के स्कूलों में एक ही शिक्षक कई कक्षाओं को पढ़ाने के लिए मजबूर थे। नई नियुक्तियों से विद्यार्थियों को विषयवार शिक्षकों का लाभ मिलेगा और नियमित कक्षाएं संचालित हो सकेंगी।
पलामू में सबसे अधिक, रामगढ़ में सबसे कम नियुक्तियां
इस चरण की नियुक्तियों में पलामू जिला सबसे आगे है, जबकि रामगढ़ में सबसे कम शिक्षकों की नियुक्ति की जा रही है।
जिलेवार नियुक्ति का विवरण
| जिला | नियुक्तियां |
|---|---|
| पलामू | 123 |
| साहिबगंज | 63 |
| पश्चिमी सिंहभूम | 61 |
| देवघर | 59 |
| दुमका | 54 |
| गोड्डा | 53 |
| पाकुड़ | 51 |
| धनबाद | 42 |
| लातेहार | 41 |
| पूर्वी सिंहभूम | 39 |
| जामताड़ा | 39 |
| रांची | 36 |
| गढ़वा | 34 |
| सरायकेला-खरसावां | 34 |
| गुमला | 27 |
| बोकारो | 24 |
| सिमडेगा | 21 |
| हजारीबाग | 15 |
| खूंटी | 12 |
| लोहरदगा | 11 |
| रामगढ़ | 4 |
| गिरिडीह | 2 |
| कोडरमा | 1 |
चयनित अभ्यर्थियों के लिए बड़ा दिन
29 जून को होने वाले नियुक्ति पत्र वितरण समारोह में राज्यभर से चयनित अभ्यर्थी शामिल होंगे। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन स्वयं नियुक्ति पत्र प्रदान करेंगे। यह कार्यक्रम राज्य सरकार की शिक्षा क्षेत्र में चल रही भर्ती प्रक्रिया का एक महत्वपूर्ण चरण माना जा रहा है।
हजारों पद अब भी हैं रिक्त
हालांकि 1,042 नई नियुक्तियों से कुछ राहत जरूर मिलेगी, लेकिन राज्य के सरकारी विद्यालयों में अब भी हजारों शिक्षकों के पद रिक्त हैं। शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए शेष रिक्त पदों पर भी जल्द नियुक्तियां पूरी करना आवश्यक है।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन द्वारा 29 जून को 1,042 सहायक आचार्यों को नियुक्ति पत्र सौंपा जाना झारखंड की शिक्षा व्यवस्था के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। सरकार का लक्ष्य 26 हजार शिक्षकों की नियुक्ति पूरी कर सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी दूर करना है। यदि आगामी चरणों में भी नियुक्तियां इसी गति से जारी रहती हैं, तो राज्य के हजारों विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक माहौल और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का लाभ मिल सकेगा।






