डी.ए.वी. नंदराज पब्लिक स्कूल में कथक कार्यशाला का सफल आयोजन, अनु सिन्हा ने विद्यार्थियों को दी सांस्कृतिक विरासत से जुड़ने की प्रेरणा
रांची: डी.ए.वी. नंदराज पब्लिक स्कूल के गूँज हॉल में सोमवार, 29 जून 2026 को कक्षा 8 से 11 तक के विद्यार्थियों के लिए एक विशेष कथक कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य विद्यार्थियों को भारतीय शास्त्रीय नृत्य, संस्कृति एवं कलात्मक अभिव्यक्ति से परिचित कराना था।
कार्यशाला का संचालन अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त कथक नृत्यांगना, कोरियोग्राफर, गुरु एवं सांस्कृतिक दूत सुश्री अनु सिन्हा ने किया। भारतीय शास्त्रीय नृत्य के क्षेत्र में तीन दशकों से अधिक समय से सक्रिय अनु सिन्हा ने विद्यार्थियों को कथक नृत्य की मूलभूत तकनीकों, हस्त-मुद्राओं, ताल, लय एवं भाव-भंगिमाओं की विस्तृत जानकारी प्रदान की।

उन्होंने अपने प्रेरक संबोधन में कहा कि कथक केवल एक शास्त्रीय नृत्य शैली नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, अनुशासन, आत्मविश्वास, एकाग्रता और व्यक्तित्व विकास का सशक्त माध्यम है। उन्होंने विद्यार्थियों को भारतीय शास्त्रीय कलाओं से जुड़ने तथा अपनी सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित और आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित किया।
विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक लिया भाग
कार्यशाला के दौरान विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह, रुचि और समर्पण के साथ भाग लिया। उन्होंने कथक नृत्य की विभिन्न बारीकियों का अभ्यास किया तथा पारंपरिक नृत्य शैली की तकनीकों को नजदीक से समझने का अवसर प्राप्त किया। विद्यालय प्रबंधन के अनुसार यह कार्यशाला विद्यार्थियों के लिए न केवल ज्ञानवर्धक और प्रेरणादायक रही, बल्कि भारतीय संस्कृति और कला के प्रति उनकी समझ को भी समृद्ध करने वाली साबित हुई।
भारतीय संस्कृति से जुड़ाव को मजबूत करती हैं ऐसी पहल
विद्यालय के प्राचार्य डॉ. रवि प्रकाश तिवारी ने सुश्री अनु सिन्हा के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार की सांस्कृतिक कार्यशालाएँ विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उन्होंने कहा कि कला, संगीत और नृत्य जैसी विधाएं विद्यार्थियों में रचनात्मकता, आत्मविश्वास और सांस्कृतिक चेतना का विकास करती हैं। साथ ही भारतीय परंपराओं के प्रति सम्मान और जुड़ाव को भी सुदृढ़ बनाती हैं।

कार्यशाला का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। इस अवसर पर विद्यालय के शिक्षकगण एवं छात्र-छात्राएं बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।





