RKDF University रांची का आधिकारिक बयान: भ्रामक और अपुष्ट सूचनाओं से रहें सावधान
रांची: RKDF University, रांची ने सोशल मीडिया पर विश्वविद्यालय से संबंधित वायरल हो रहे कुछ वीडियो और पोस्ट को लेकर आधिकारिक स्पष्टीकरण जारी किया है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने कहा है कि हाल के दिनों में प्रसारित की जा रही कुछ जानकारियां भ्रामक, अपुष्ट और तथ्यहीन हैं, जिनका वास्तविक तथ्यों से कोई संबंध नहीं है। विश्वविद्यालय की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि संस्थान के सभी शैक्षणिक, प्रशासनिक और वित्तीय कार्य निर्धारित नियमों, वैधानिक प्रावधानों तथा सक्षम प्राधिकारियों के दिशा-निर्देशों के अनुरूप संचालित किए जा रहे हैं। विश्वविद्यालय ने स्पष्ट किया कि पारदर्शिता, गुणवत्ता और विधि के शासन का पालन उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।

शिकायत के लिए अपनाएं वैधानिक प्रक्रिया
विश्वविद्यालय प्रशासन ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति के पास संस्था से संबंधित कोई वास्तविक और तथ्यात्मक शिकायत है, तो उसके समाधान के लिए सक्षम प्राधिकारी एवं विधिक प्रक्रिया उपलब्ध है। ऐसे मामलों में संबंधित मंचों पर शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। बयान में यह भी कहा गया कि बिना किसी प्रमाण के भ्रामक या असत्य जानकारी का सोशल मीडिया पर प्रसार न केवल छात्रों, अभिभावकों और समाज को भ्रमित करता है, बल्कि ऐसा करने वालों पर लागू कानूनों के तहत कानूनी दायित्व भी बन सकता है।
कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू
RKDF यूनिवर्सिटी ने जानकारी दी कि भ्रामक एवं असत्य सामग्री प्रसारित करने वाले मामलों में उपलब्ध कानूनी उपाय अपनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। प्रशासन ने कहा कि इस प्रकार की गतिविधियों पर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

आधिकारिक सूचना पर ही करें भरोसा
विश्वविद्यालय ने छात्रों, अभिभावकों और आम नागरिकों से अपील की है कि वे केवल विश्वविद्यालय के आधिकारिक स्रोतों से जारी सूचनाओं पर ही विश्वास करें और सोशल मीडिया पर प्रसारित अपुष्ट या भ्रामक जानकारी साझा करने से बचें। विश्वविद्यालय प्रशासन ने दोहराया कि वह पारदर्शी, गुणवत्तापूर्ण और नियमसम्मत शिक्षा व्यवस्था के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है तथा छात्रों के हितों की रक्षा के लिए आवश्यक सभी कदम उठाता रहेगा।



